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रायगढ़ में वीबी-जी रामजी मिशन का शुभारंभ, सभी विकासखंडों में हुआ राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

Raigarh
  • 125 दिन गारंटी रोजगार, बढ़ी मजदूरी दर और पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था पर जोर*
  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों और तकनीकी सहायकों का सम्मान*
  • ग्राम पंचायत आधारित समग्र विकास मॉडल को मिलेगा नया विस्तार

रायगढ़। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के अवसरों के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी रामजी का आज शुभारंभ किया गया। आंध्र प्रदेश से आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसमें केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने मिशन की प्रमुख विशेषताओं और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी सातों विकासखंडों में राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने देखा एवं सुना।

जिला पंचायत रायगढ़ के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय जन सम्मेलन सह शुभारंभ कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवीन्द्र गबेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक तथा स्व-सहायता समूहों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गबेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वीबी-जी रामजी मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती खलखो ने कहा कि योजना के तहत दैनिक मजदूरी दर को बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही रोजगार का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित करने, कार्य मांग के 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

योजना में 60 दिनों के कृषि विराम के प्रावधान को भी यथावत रखा गया है। सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास और विकसित ग्राम पंचायत योजना को प्राथमिकता दी जाएगी। डिजिटल व्यवस्था के तहत जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रणाली से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए जिले के सातों विकासखंडों से चयनित एक-एक ग्राम रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन ही ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता की कुंजी है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्राम पंचायत स्तर पर समग्र विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में ग्रामीण जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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