छोड़कर सामग्री पर जाएँ

नौ केंद्र ऐसे जहां खरीदी की लिमिट क्रॉस

WhatsApp Image 2024 12 08 at 6.09.24 PM 2
  • हंगामा हुआ तो बढ़ाई सीमा, दो दिन में सवा लाख क्विंटल धान के टोकन, साढ़े सात लाख क्विंष्टल धान का रकबा समर्पित

रायगढ़। धान खरीदी के अंतिम दो ही दिन बचे हैं। प्रशासन ने इस बार समितियों में धान की आवक को ही ब्लॉक कर दिया, इसलिए सब कुछ नियंत्रित रहा। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा जो अब टोकन नहीं मिलने के कारण हंगामा कर रहे हैं। लिमिट कम करने की वजह से टोकन कटने बंद हो गए थे। बुधवार को हंगामा हुआ तो कुछ केंद्रों में लिमिट बढ़ाई बढाई गई है। इधर सख्ती के बीच भी नौ केंद्र रिकॉर्ड खरीदी कर चुके हैं। एकसाथ कई मोर्चों पर धान खरीदी को कम करने के लिए सख्ती की गई है। खरीदी लिमिट कम कर दी गई ताकि रोजाना टोकन कम करें, टोकन में दो बार सत्यापन अनिवार्य किया गया। जिले में पंजीकृत 83641 किसानों में से अभी करीब 71200 किसानों ने धान बेच लिया है जो पिछले साल के कुल 73295 किसानों से 2000 ही कम हैं। पंजीकृत रकबे 1,25,309 हे. में से करीब 89000 हे. में धान बेचा जा चुका है।

इसमें बड़ा आंकड़ा रकबा समर्पण का है। किसानों से 14672 हे. रकबा समर्पित कराया जा चुका है जो करीब साढ़े सात लाख धान के बराबर है। जिले में 84 प्रश किसानों ने धान बेच लिया है लेकिन विक्रय रकबा केवल 70 प्रश है। मतलब अभी भी ऐसे किसान बचे हैं जिनके पास धान है लेकिन टोकन नहीं कट रहे। पिछले साल धान बेचने वाले कई किसानों का एक बार भी टोकन नहीं काटा गया। उप पंजीयक सहकारिता की धमकी का असर भी साफ नजर आया है। इसके बीच नौ ऐसे केंद्र हैं, जिन्होंने पिछले साल की तुलना में ज्यादा धान बेच लिया है। ये प्रबंधक अब टारगेट में में हैं। बताया जा रहा है कि इन केंद्रों में बिचौलियों का बोलबाला रहा है, जिसकी वजह से मनमानी की गई।

▶ इन केंद्रों में टूटे सारे नियम

भौतिक सत्यापन का तिलिस्म तोड़कर धान खरीदी करने वाले नौ केंद्रों ने जमकर धान स्वीकार किया। यहां के नोडल भी मेहरबान रहे। इनमें बगुडेगा, मुकडेगा, लिबरा, कापू, कोठीकुंडा, बड़े देवगांव, तिउर, तुरेकेला, केशला 331, जतरी में धान खरीदी का नियंत्रित नहीं किया जा सका। पिछले साल की तुलना में ज्यादा धान खरीदा जा चुका है। अब इन केंद्रों की जांच की जा रही है।

▶ भाजपा नेता भी कर रहे फोन

सूत्रों के मुताबिक समितियों में टोकन नहीं कटने पर नाराज किसान भाजपा नेताओं को फोन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि चुनाव के समय उनसे वादा किया गया और अब टोकन भी नहीं कट रहा है। बताया जा रहा है कि कई नेताओं ने टोकन कटवाने के लिए समितियों में फोन भी किए। जिला स्तर से बात करके उन किसानों के लिए रास्ता खोला गया।

▶ दो दिन में करीब सवा लाख क्विं. धान

अब 29 और 30 जनवरी दो ही दिन की खरीदी बची है। 29 जनवरी को जिले में 1234 टोकन जारी किए गए र हैं जिनसे 66400 क्विं. धान हैं। खरीदा जाना है। इसी तरह 30 जनवरी को 672 टोकनों में 39300 क्विं. धान लिया जाना है। बुधवार को कई केंद्रों में किसानों के विरोध के बाद लिमिट बढ़ाई गई है। उनको टोकन कटवाने के लिए बहुत कम समय बचा है। जिसके पास धान अधिक है, वह परेशानी में घिर गया है। दोनों दिन की खरीदी के बाद आंकड़ा 48 लाख क्विं. पहुंचने की उम्मीद है।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: