छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रामलीला मैदान का 5 करोड़ की लागत से होगा कायाकल्प, टेंडर प्रक्रिया शुरू

1710069
  • वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से दशकों पुरानी मांग हुई पूरी, भुज बंधान तालाब के बाद शहर को एक और बड़ी सौगात

रायगढ़। शहर के हृदय स्थल में स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान के जीर्णोद्धार का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहे इस मैदान के समग्र विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने 5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। राज्य के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के विशेष प्रयासों से शहर की यह दशकों पुरानी मांग अब हकीकत में बदलने जा रही है।

सांस्कृतिक विरासत और आयोजनों का प्रमुख केंद्र

रामलीला मैदान महज एक खेल प्रांगण नहीं, बल्कि रायगढ़ जिले की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है। पिछले तीन दशकों से यह मैदान कला प्रेमी महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में आयोजित होने वाले ‘चक्रधर समारोह’ का गवाह रहा है, जहां देश-विदेश के ख्यातिनाम कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं। सदियों से रामलीला मंचन से लेकर राजनीतिक रैलियों, शासकीय आयोजनों और युवाओं की खेल गतिविधियों के लिए यह मैदान आयोजकों की पहली पसंद रहा है। शहर की कई पीढ़ियां इसी प्रांगण में खेलकर बड़ी हुई हैं।

जलभराव और बदहाली से मिलेगी मुक्ति

लंबे समय से जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और व्यवस्थित विकास के अभाव में यह मैदान अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को विवश था। बारिश के दौरान जलभराव के कारण खिलाड़ियों और आयोजकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। समय-समय पर स्थानीय नागरिकों द्वारा इसके जीर्णोद्धार की मांग उठाई जाती रही, लेकिन यह मांग कभी धरातल पर नहीं उतर सकी। मौजूदा विधायक ओपी चौधरी के कार्यकाल में इस मांग ने फिर से जोर पकड़ा और अंततः इसे 5 करोड़ रुपये की बड़ी स्वीकृति मिली।

मास्टर प्लान: बार-बार टेंट लगाने की नहीं होगी जरूरत

प्रशासन द्वारा तैयार किए गए नए मास्टर साइट प्लान के तहत रामलीला मैदान को पूरी तरह से आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। मैदान में मौजूद पुराने मंच को भव्य और स्थायी रूप में विकसित किया जाएगा। इसके दोनों ओर सर्वसुविधायुक्त ड्रेसिंग रूम, ग्रीन रूम और आधुनिक शौचालयों का निर्माण होगा। मंच और प्रांगण का ढांचा इस तरह तैयार किया जा रहा है कि भविष्य में बड़े आयोजनों के लिए बार-बार टेंट या पंडाल लगाने का खर्च और आवश्यकता नहीं बचेगी।

इस बड़ी स्वीकृति के बाद, रामलीला मैदान अपनी प्राचीन विरासत को सहेजते हुए जल्द ही एक नए, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त स्वरूप में नजर आएगा। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए खेल, कला और संस्कृति का एक आदर्श संगम बनेगा।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: