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नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

Cm 19
  • किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक
  • राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण
  • नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण

रायपुर, 30 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं।

इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।

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विकास पाण्डेय

एडिटर - वेब एवं डिजिटल

विकास पाण्डेय अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के साथ जुड़े हैं और डिजिटल विंग के संचालन एवं संपादन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के प्रमुख घटनाक्रम, जनहित के मुद्दों और स्थानीय सरोकारों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने RIG24 मीडिया नेटवर्क से पत्रकारिता की शुरुआत की और इसी दौरान BJMC की डिग्री हासिल की।

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