रायगढ़। सियासत की बिसात पर अक्सर तनाव, तीखे बयान और तल्खियों की ही खबरें सुर्खियां बनती हैं। लेकिन कभी-कभी राजनीति की इस रूखी जमीन पर कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आ जाती हैं, जो सारे समीकरणों और कयासों के बीच एक खुशनुमा माहौल बना देती हैं। प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसी ही तस्वीर और उसके पीछे की दिलचस्प कहानी ने सबका ध्यान खींचा है। हमेशा अपने तीखे और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सूबे के एक कद्दावर विधायक और प्रदेश के मुखिया के बीच जो सार्वजनिक स्नेह देखने को मिला है, उसने राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अफवाहों को एक झटके में शांत कर दिया है। यह वाकया सिर्फ एक तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं के बीच हुए आत्मीय संवाद ने रिश्तों की एक नई इबारत लिख दी है।
ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज और जनता की वो खास मांग
यह पूरा दिलचस्प और ठेठ देसी घटनाक्रम एक ग्रामीण इलाके में आयोजित बड़े सामाजिक महाधिवेशन के दौरान सामने आया। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कुरुद के वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर धमतरी जिले के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाधिवेशन में एक साथ पहुंचे, तो वहां का माहौल ही बदल गया। ग्रामीण परिवेश और अपनी माटी की संस्कृति के बीच जब ये दोनों बड़े नेता एक साथ नजर आए, तो वहां मौजूद समाज के लोगों ने सहज भाव से कह दिया कि दोनों एक बार समधी भेंट कर लें। ग्रामीण अंचलों में रिश्तों की प्रगाढ़ता दर्शाने के लिए समधी, मामा या भांजा जैसे शब्द एक बेहद प्यारे और आत्मीय संबोधन माने जाते हैं। जनता के इस अपनत्व भरे आग्रह को दोनों ही नेताओं ने पूरे सम्मान के साथ सिर माथे लिया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक शानदार तस्वीर खिंचवाई।
विधायक ने एक्स पर साझा किया अपना अगाध प्रेम
इस खूबसूरत वाकये के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह तस्वीर साझा कर दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने दिल की बात लिखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रति उनके मन में अगाध आदर है और वह उन्हें स्नेह से ‘समधी जी’ कहते हैं। उन्होंने पूरी बेबाकी से बताया कि कैसे समाज के लोगों के आग्रह पर यह तस्वीर ली गई और मुख्यमंत्री ने अपनी चिरपरिचित सहजता से इस पल को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट और राजनीतिक चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग इस खुलेपन और आत्मीयता की जमकर तारीफ करने लगे।
मुख्यमंत्री के जवाब ने जीत लिया सबका दिल
असली राजनीतिक और सामाजिक मिठास तब सामने आई, जब खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पोस्ट पर अपना जवाब दिया। सीएम साय ने अपने आधिकारिक हैंडल से अजय चंद्राकर की पोस्ट को कोट करते हुए उसे रिट्वीट किया। उन्होंने बेहद प्यार भरे अंदाज में लिखा कि अजय जी का यह स्नेहपूर्ण संबोधन उन्हें हमेशा आत्मीयता से भर देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम छाती में समाज के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक स्मरणीय पल बन गई है। उन्होंने विधायक के सहज अपनापन, मिलनसार स्वभाव और समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की यही पारिवारिक संस्कृति, अपनापन और आपसी सम्मान हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
शांत हो गए सियासी गलियारों के तमाम कयास
इस पूरी घटना के राजनीतिक मायने बहुत गहरे हैं, जो सीधे सत्ता के गलियारों तक जाते हैं। अजय चंद्राकर अपने दो टूक अंदाज और सदन के भीतर तीखे संसदीय ज्ञान के लिए जाने जाते हैं। जब वे बोलते हैं तो उनके उद्भट प्रश्न अच्छे-अच्छों को मौन कर देते हैं। पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में यह हवा देने की कोशिश की जा रही थी कि विधायक की इस आक्रामक शैली का निशाना कहीं न कहीं अपनी ही सरकार या मुख्यमंत्री हैं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री साय हमेशा अपने शांत और संयमित स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, जो बिना शोर मचाए अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। उनके मौन को भी कई बार अलग-अलग राजनीतिक चश्मे से देखने की कोशिश की गई। लेकिन आज की इस ‘समधी भेंट’ और एक्स पर मुख्यमंत्री के उस प्यार भरे रिट्वीट ने उन सारे मिथकों को तोड़ दिया है। इस ठेठ छत्तीसगढ़िया संवाद ने साबित कर दिया है कि सियासत में भी रिश्तों की मिठास और आपसी आदर की जड़ें बहुत गहरी हैं।






















