न्यूज डेस्क। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 10 मई 2026 को जब थलपति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो मंच पर एक युवा चेहरे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। यह चेहरा था 29 वर्षीय एस. कीर्तना का, जिन्होंने न केवल मंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रचा बल्कि विजय सरकार में एकमात्र महिला मंत्री बनकर महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिख दी। विरुधुनगर जिले से आने वाली कीर्तना की यह उपलब्धि तमिलनाडु की राजनीति में उस बड़े बदलाव का संकेत है जहां अब अनुभव के साथ-साथ युवा जोश और आधुनिक सोच को भी तवज्जो दी जा रही है।
शिवकाशी के चुनावी दंगल में रचा गया था नया इतिहास
कीर्तना की जीत के मायने इसलिए भी बड़े हैं क्योंकि उन्होंने राज्य की उस सीट पर कब्जा किया जो पिछले सात दशकों से पुरुष प्रधान राजनीति का गढ़ रही थी। शिवकाशी विधानसभा सीट पर 1957 के बाद से कभी कोई महिला विधायक नहीं बनी थी। कीर्तना ने कांग्रेस के दिग्गज नेता एएमएसजी अशोकन को करीब 11,670 वोटों के अंतर से हराकर इस मिथक को तोड़ दिया। शिवकाशी, जो अपनी आतिशबाजी और प्रिंटिंग उद्योग के लिए दुनिया भर में मशहूर है, अब एक शिक्षित और युवा नेतृत्व के माध्यम से अपनी नई पहचान बनाने की राह पर है।
गणित की मेधा से डिजिटल राजनीति के गलियारों तक का सफर
1996 में जन्मी कीर्तना का शैक्षणिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा तमिल माध्यम के सरकारी स्कूल से पूरी की, जिसके बाद मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक और 2019 में पॉन्डिचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी से सांख्यिकी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। राजनीति की मुख्यधारा में कदम रखने से पहले उन्होंने एक पॉलिटिकल कंसल्टेंट और डिजिटल कैंपेन स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में काम किया। यही वजह है कि उन्हें आधुनिक दौर की तकनीक और चुनावी डेटा की गहरी समझ है, जो उन्हें मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों से अलग बनाती है।
भाषा के बैरियर को तोड़ती एक नई आवाज
तमिलनाडु की राजनीति में भाषा हमेशा से एक संवेदनशील विषय रही है। द्रविड़ राजनीति की जड़ें अक्सर हिंदी विरोध पर टिकी रही हैं, लेकिन कीर्तना ने इस परंपरा को चुनौती दी है। वे तमिल और अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी पर भी जबरदस्त पकड़ रखती हैं। उनका मानना है कि अपनी पार्टी के विजन और अपने नेता थलपति विजय की बात को पूरे देश तक पहुँचाने के लिए हिंदी एक महत्वपूर्ण सेतु है। कीर्तना का यह नजरिया संकेत देता है कि विजय की पार्टी टीवीके केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की इच्छुक है।
भ्रष्टाचार मुक्त और समावेशी शासन की उम्मीद
शपथ ग्रहण के बाद कीर्तना ने जिस आत्मविश्वास के साथ शासन की कुशलता पर बात की, उसने राजनीतिक पंडितों को भी प्रभावित किया है। महज 22.6 लाख रुपये की कुल संपत्ति और बेदाग छवि वाली कीर्तना उस नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो राजनीति को सेवा का माध्यम मानती हैं। विजय सरकार ने नौ अन्य अनुभवी मंत्रियों के साथ कीर्तना को शामिल कर यह साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता सामाजिक न्याय और युवा भागीदारी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कीर्तना अपनी प्रशासनिक क्षमताओं से तमिलनाडु के विकास में क्या नया रंग भरती हैं।























