रायगढ़। विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सही करियर चुनने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत पुसौर विकासखंड के सभी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में एक दिवसीय करियर मार्गदर्शन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। यह आयोजन वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल और कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें कक्षा दसवीं और बारहवीं के बाद उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई।
प्रतियोगी परीक्षाओं और तकनीकी शिक्षा के विकल्पों पर मार्गदर्शन
कार्यशालाओं के दौरान विषय विशेषज्ञों और वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नीट, जेईई, यूपीएससी, राज्य सेवा परीक्षा, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी और रक्षा सेवाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की बुनियादी रणनीतियों से अवगत कराया। इसके अलावा वर्तमान समय में मांग वाले वोकेशनल कोर्सेज, तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने छात्रों से कहा कि वे किसी के दबाव में आने के बजाय अपनी व्यक्तिगत रुचि, क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही करियर का चुनाव करें।
स्मार्ट बोर्ड से हल किए रीजनिंग और कोडिंग के सवाल
इन सत्रों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पढ़ाई को सरल बनाने का तरीका भी सिखाया गया। स्कूलों में उपलब्ध स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से छात्रों को तर्कशक्ति (रीजनिंग) से जुड़े जटिल सवाल, विशेषकर कोडिंग-डिकोडिंग को आसानी से हल करने की तकनीक बताई गई। कार्यशाला में पुसौर जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता चौहान, अतिरिक्त कमिश्नर हरिशंकर चौहान, सहायक प्राध्यापक हरिप्रसाद चौहान, डॉ. शिव सिदार, डॉ. अजय नायक, डॉ. सरोज, लक्ष्य अकादमी के निखिल पंडा, रायगढ़ बीईओ संजय पटेल और सहायक प्राध्यापक प्रताप चौधरी सहित कई वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।























