रायगढ़। समग्र शिक्षा अभियान के तहत रायगढ़ विकासखंड के बीआरसी भवन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मापन शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम ने 38 बच्चों की शारीरिक स्थिति और व्यक्तिगत आवश्यकताओं का आकलन किया। इस मापन के आधार पर बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
शारीरिक स्थिति के आकलन के बाद तैयार होगी उपकरणों की सूची
शिविर में शामिल विशेषज्ञ टीम ने प्रत्येक बच्चे की जांच कर मापन प्रक्रिया पूरी की। आईईडी प्रभारी भूपेंद्र पटेल ने बताया कि इस जांच के आधार पर पात्र बच्चों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कैलिपर्स सहित अन्य आवश्यक उपकरण दिए जाएंगे। सहायक उपकरण मिलने से बच्चों को आवागमन में सुविधा होगी और वे विद्यालयीन गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकेंगे।
शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद
जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक जरूरी कदम है। इससे विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने, नियमित पढ़ाई करने और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता करने में आसानी होगी।
समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में विभिन्न विकासखंडों के बीआरपी और विशेष शिक्षक मौजूद रहे। मापन प्रक्रिया के दौरान समग्र शिक्षा अभियान की एपीसी ज्योत्सना राजपूत, फिजियोथेरेपिस्ट रागिनी राठौर और बीआरसी मनोज अग्रवाल ने समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। आकलन रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही उपकरण वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।























