रायगढ़। रायगढ़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का सफल खुलासा किया है। पुसौर थाना क्षेत्र के एक रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख 28 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने बेंगलुरु से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों के बैंक खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड करा ली गई है। इस गिरोह का नेटवर्क भारत से लेकर दुबई तक फैला हुआ है।
रिटायर्ड शिक्षक को 12 किस्तों में बनाया शिकार
घटना थाना पुसौर अंतर्गत ग्राम जतरी की है। पीड़ित गरुण सिंह पटेल (72 वर्ष) पिता स्व. पदुम लाल पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 अक्टूबर 2025 को उन्हें तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आए। आरोपियों ने खुद को सीबीआई (CBI) अधिकारी बताकर डराया कि उनके नाम पर मुंबई में अवैध खाता खुला है और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी। डरा-धमकाकर आरोपियों ने पीड़ित को सेंट्रल बैंक के अपने खातों से यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से 25 से 29 अक्टूबर के बीच 12 किस्तों में कुल 23,28,770 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने व्हाट्सएप पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देना भी जारी रखा था।
बेंगलुरु से विग्नेश और स्टीफन गिरफ्तार
पीड़ित की शिकायत पर पुसौर थाने में अपराध क्रमांक 304/2025 धारा 318(4) BNS और 66(D) IT ACT के तहत मामला दर्ज किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर टीआई मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में एक विशेष टीम बेंगलुरु रवाना की गई। तकनीकी जांच और केवायसी (KYC) डिटेल के आधार पर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- विग्नेश पी. (29 वर्ष) पिता ए. प्रकाश, निवासी- 4/1 15 क्रॉस 4 मेन रोड सम्पन्नगिरीनगर, बेंगलुरु (वर्तमान पता: श्रीनिवासा कॉलोनी 33 सुदामा नगर, बेंगलुरु)।
- स्टीफन थॉमस (54 वर्ष) निवासी- मकान नंबर 24, 3 क्रॉस 4 मेन, थाना सुब्रमण्यम नगर, बेंगलुरु। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
दुबई से ऑपरेट हो रहा मास्टरमाइंड ‘फिरोज’
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का मुख्य सरगना फिरोज खान उर्फ डॉम्निक है, जो वर्तमान में दुबई में है और वहीं से यह नेटवर्क चला रहा है। फिरोज दुबई में वीजा का काम देखता है और भारत से आने वालों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर ठगी करता है। आरोपी विग्नेश पी. एक लेबर एजेंट है जो फिरोज के लिए लेबर व्यवस्था करता था। यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट के अलावा आधार/सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए भी ठगी करता है। विग्नेश के खाते में ही पीड़ित के 4 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे, जिसके खाते से पुलिस ने कुल 17 लाख रुपये होल्ड कराए हैं। वहीं आरोपी स्टीफन थॉमस ठगी की रकम को दूसरे खातों में ट्रांजैक्शन करने का काम करता था। फरार आरोपी फिरोज खान की तलाश जारी है।
जागरूकता ही बचाव का हथियार: एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जनता को संदेश देते हुए कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी अज्ञात कॉल या धमकी से न घबराएं और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। रायगढ़ पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है, लेकिन सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। इस सफल कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेश पटेल (साइबर सेल) और आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा की मुख्य भूमिका रही।























