रायगढ़। पण्डो जनजाति की भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए गैर-आदिवासी के नाम हस्तांतरित कराने के मामले में फरार आरोपी सुखन राठिया को कापू पुलिस ने कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। जिले में भूमि संबंधी फर्जीवाड़े के मामलों में चल रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस ने आरोपी को पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम बकालो निवासी सुखन राठिया (50 वर्ष) गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह पहले तमिलनाडु भाग गया था और बाद में कोरबा में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने सूचना के आधार पर कोरबा में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और रायगढ़ लाया।
फर्जी आधार कार्ड बनाकर कराई गई थी जमीन की रजिस्ट्री
यह मामला ग्राम डुमरनारा स्थित खसरा नंबर 409 की जमीन से जुड़ा है, जो राजस्व रिकॉर्ड में पहले से पण्डो जनजाति के सदस्यों के नाम पर दर्ज थी। जांच में पाया गया कि वर्ष 2023-24 में बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के इस भूमि को सुखन पिता बजरंग रावत के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद 21 फरवरी 2024 को रजिस्ट्री के जरिए यह जमीन रायपुर निवासी संतोष देवी गुप्ता के नाम बेच दी गई।
विवेचना में सामने आया कि विक्रेता के रूप में पेश किया गया व्यक्ति वास्तव में सुखन राठिया पिता धनाराम (जाति कंवर) था। इस सौदे के लिए फर्जी आधार कार्ड का उपयोग किया गया था और तत्कालीन हल्का पटवारी राकेश कुमार साय ने जमीन बिक्री के लिए चौहद्दी प्रदान की थी।
तहसीलदार की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला
इस फर्जीवाड़े को लेकर कापू तहसीलदार उन्मेश पटेल की रिपोर्ट पर 7 जुलाई 2026 को कापू थाने में अपराध क्रमांक 108/2026 दर्ज किया गया था। यह मामला भादवि की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120(बी) के तहत दर्ज कर जांच में लिया गया। मामले में तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय और गवाह अगस्तुस खलखो को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
पूछताछ के दौरान सुखन राठिया ने बताया कि तत्कालीन पटवारी राकेश साय और अन्य आरोपियों ने उसका नाम बदलकर सुखन पिता बजरंग रावत दर्शाया था और जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इस काम के लिए उसे 10 हजार रुपये दिए गए थे। मामले में पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।























