इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की टेस्ट टीम फिलहाल चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। ईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 में टीम इंडिया ने अब तक शुभमन गिल की कप्तानी में 8 और ऋषभ पंत की कप्तानी में 1 टेस्ट खेला है। इन 9 मैचों में टीम को सिर्फ 4 जीत मिली हैं, जबकि 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से साउथ अफ्रीका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 2 मैचों की 4 पारियों में टीम के बल्लेबाजों ने केवल दो अर्द्धशतक बनाए। पहले पारी में यशस्वी जायसवाल और दूसरी पारी में रविंद्र जडेजा ने ही टीम की तरफ से महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके विपरीत साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों ने 90 से अधिक रन बनाए और एक खिलाड़ी ने शतक भी जमाया।
बासित अली का कटाक्ष
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय बल्लेबाज अब ज्यादा सोचते हैं कि उनका खेल कितना लाभदायक है, बजाय इसके कि वे टेस्ट क्रिकेट की गहराई में जाएं। उन्होंने कहा:
“भारत के बैटर्स अब सफेद गेंद वाले क्रिकेट की मानसिकता के साथ टेस्ट खेल रहे हैं। पहले राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी स्पिनर्स को अच्छे से खेलते थे। अब ऐसा नजर नहीं आता।”
पंत और जुरेल जैसे खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में न लाएं
बासित अली ने सलाह दी कि ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ी, जो टी20 की मानसिकता से टेस्ट खेलते हैं, उन्हें टीम में शामिल न किया जाए। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में ऐसे बल्लेबाजों की जगह उन खिलाड़ियों को मिलनी चाहिए, जिन्हें बल्लेबाजी और शॉट खेलने का जुनून हो।
“अगर आप यही नहीं करेंगे, तो टीम इंडिया की स्थिति बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान जैसी हो जाएगी।”
विराट कोहली की वापसी जरूरी
पूर्व खिलाड़ी का मानना है कि टीम इंडिया को मजबूत बनाने के लिए विराट कोहली की टेस्ट क्रिकेट में वापसी अनिवार्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से विराट कोहली को टीम में वापस लाया जा सकता है।
“भारत को विराट की जरूरत है। पीएम मोदी उनसे बात करें और टेस्ट टीम में उनकी वापसी कराएं। यही सबसे बड़ा समाधान है।”
गौतम गंभीर और अजित अगरकर पर सवाल
बासित अली ने टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और तेज गेंदबाजी सलाहकार अजित अगरकर पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अगर टीम का प्रदर्शन सुधरना है तो इन दोनों को वर्तमान पद से हटाना जरूरी है।
“यदि गंभीर और सिलेक्शन कमेटी हटाई जाए, तो ऐसे बल्लेबाजों को भी मौका नहीं दिया जाना चाहिए, जो टेस्ट को आईपीएल स्टाइल में खेल रहे हैं।”
टीम इंडिया फिलहाल महत्वपूर्ण दौर में है। चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ के लिए यह सोचने का समय है कि कैसे टेस्ट क्रिकेट की पुरानी मजबूती और विराट जैसे अनुभवियों को टीम में वापस लाया जाए।























