- शहीद नंदकुमार पटेल विवि और कॉलेजों की लापरवाही से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का कैलेंडर लेट
रायगढ़। शहीद नंदकुमार पटेल विवि को स्थापित हुए छह साल बीत चुके हैं लेकिन यह व्यवस्थित नहीं हो सका है। शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए कैलेंडर तय किया जाता है। उसी हिसाब से कॉलेजों में प्रवेश लेना होता है। लेकिन पीजी पाठ्यक्रमों के लिए जारी हुई अधिसूचना को निरस्त कर संशोधित आदेश जारी करना पड़ा। इसकी वजह पोर्टल में आई तकनीकी खामी है। जो आवेदन 30 जून तक जमा हो जाने थे, वह अब 20 जुलाई तक होंगे। सरकारी स्कूलों की तरह सरकारी महाविद्यालयों की हालत भी अब खराब होने वाली है। शिक्षा का स्तर बढऩे के बजाय गिरती जा रही है। पुराने स्थापित कॉलेजों की साख भी दिन ब दिन नीचे गिर रही है।
विश्वविद्यालयों का प्रबंधन भी अब डगमगाने लगा है। छह साल पहले स्थापित शहीद नंदकुमार पटेल विवि की स्थिति भी कोई खास अच्छी नहीं है। हाल ही में वर्ष 26-27 के अकादमिक कैलेंडर में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए एसएनपीवी ने 16 जून 2026 को अधिसूचना प्रकाशित की थी। छात्र-छात्राओं को पहले सेमेस्टर में ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन के लिए अंतिम तिथि 30 जून तय की गई थी ।तीसरे सेमेस्टर के लिए भी 16 जून से या परिणाम घोषित होने के 10 दिन तक आवेदन करना था। आवेदकों की सूची, मेरिट लिस्ट 3 जुलाई तक जारी होनी थी। 15 जुलाई तक फीस भुगतान हो जाना था।
लेकिन पोर्टल में तकनीकी खामी की वजह से छात्र-छात्राओं को संबंधित सभी कॉलेज के विकल्प नहीं मिले। टेक्निकल एरर के कारण आवेदन ही नहीं हो पाए। अंतिम तारीख तक इसे ठीक नहीं किया जा सका, जिसकी वजह से छात्र-छात्राएं प्रवेश नहीं ले सके। अब एसएनपीवी ने संशोधित समय सारिणी जारी की है। अब आवेदन 20 जुलाई तक होगा। आवेदकों की सूची 21 जुलाई को, मेरिट सूची 22 जुलाई को और शुल्क भुगतान 31 जुलाई तक करना होगा। मतलब जो प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी होनी थी, वह 31 जुलाई तक चलेगी।
न्यू एजुकेशन पॉलिसी का नहीं कर रहे पालन
नई शिक्षा नीति के तहत सभी विवि और महाविद्यालयों को समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करनी है। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। एसएनपीवी में भी प्रवेश में लेटलतीफी, परीक्षा में देरी, परिणाम में भी विलंब सामान्य सी बात हो गई है। इसमें सुधार की गुंजाइश है। कॉलेजों में भी छात्र-छात्राओं के प्रति जवाबदेही कम हो गई है।





















