- बरपाली में फ्लाईएश की अवैध डम्पिंग का मामला, पर्यावरण विभाग ने किया मौके का निरीक्षण
रायगढ़, 22 मई। फ्लाईएश के परिवहन के लिए एसओपी लागू है। जबकि लैण्ड फिलिंग के लिए अनुमति मिलने के बाद ही डंपिंग की जानी है लेकिन रायगढ़ के प्लांट अवैध रूप से एश की डंपिंग करवा रहे हैं। गेरवानी के पास बरपाली में किसान की निजी भूमि पर सैकड़ों टन एश डालने के कारण पर्यावरण विभाग ने नवदुर्गा, बीएस स्पंज, रायगढ़ इस्पात को नोटिस दिया है। वहीं रुपाणाधाम स्टील पर 3 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है।
राखड़ उत्सर्जन के बाद उसे सही तरीके से सही जगह पर डंप किया जाना है। इसके पालन के लिए पोर्टल भी बनाया गया है जिसमें सभी प्लांट वाहनों को जीपीएस सहित रजिस्टर करते हैं। इससे फ्लाईएश के निकास और डंपिंग स्थल की जानकारी ऑनलाइन ही दर्ज हो जाती है। जिस जगह पर एश डाला जाना है, उसके लिए पर्यावरण विभाग से विधिवत अनुमति अनिवार्य होती है। हकीकत यह है कि अभी भी कई प्लांट वास्तविक मात्रा को छिपाते हुए एश की मनमानी डंपिंग कर रहे हैं। गेरवानी के पास बरपाली गांव में किसानों की निजी जमीन पर एश डाले जाने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
अजय साहू नामक ट्रांसपोर्टर का नाम इसमें सामने आया है। पर्यावरण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि नवदुर्गा फ्यूल्स, बीएस स्पंज और रायगढ़ इस्पात ने उक्त जमीन पर एश डाला है। इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई है। अवैध रूप से एश डंपिंग पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने तीनों प्लांटों को नोटिस दिया है। अब मात्रा के हिसाब से तीनों पर कार्रवाई की जाएगी। तीनों प्लांटों ने उत्सर्जित फ्लाईएश की सही मात्रा की जानकारी भी नहीं दी है। इसी वजह से अतिरिक्त एश को ऐसे फेंका जा रहा है।
नहीं सुधरा रुपाणाधाम, इस बार 3 लाख का जुर्माना
इसी तरह रुपाणाधाम स्टील प्रालि पर भी कार्रवाई की गई है। पूर्व में प्लांट से निकला एश अवैध रूप से डंप किया गया था जिस पर कार्रवाई की गई थी। प्लांट प्रबंधन ने फिर से गदगांव, बरपाली में बिना अनुमति के राखड़ डाला गया है। यहां भूमि स्वामी पूजा साहू ने अपनी भूमि पर एश डालने के लिए आवेदन किया था। जब वहां का निरीक्षण किया गया तो पता चला कि रुपाणाधाम स्टील ने पहले ही वहां कई टन एश डाल दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में वायु प्रदूषण हो रहा है। कार्रवाई के बाद भी प्लांट ने वहां एश डालना बंद नहीं किया। इसलिए रुपाणाधाम स्टील पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही फ्लाईएश के ऊपर मिट्टी की परत बिछाते हुए समतलीकरण करने का निर्देश दिया है।























