रायगढ़। इस बार पहले सप्ताह से ही धान की आवक तेज है। इसे देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। पिछले साल इसी अवधि में हुई खरीदी का आंकड़ा देखा तो पता चला कि कई गुना खरीदी हो चुकी है। जिन केंद्रों में बहुत ज्यादा अंतर मिला है, वहां के प्रभारी आरएईओ को नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इधर धान खरीदी के लिए जारी एसओपी से बवाल मच रहा है। धान खरीदी को नियंत्रित करने के लिए सरकार कई जतन कर रही है। किसानों ने इस बार सरकार को चौंका दिया है। हर साल फसल कटाई के हिसाब से किसान धान बेचने पहुंचते थे। पिछले साल 12 दिनों की खरीदी के बाद जितना धान आया था, इस बार करीब 5-6 गुना धान खरीदी हुई है। इसकी वजह है कुछ समितियों में लिमिट से ज्यादा धान आना।
जिन उपार्जन केंद्रों में पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा खरीदी हुई है, वहां के नोडल अधिकारियों को नोटिस दिया गया है। खाद्य विभाग से जारी नोटिस में कहा गया है कि पहले छह दिन में ही अत्यधिक मात्रा में धान खरीदी हुई है। उदाहरण के तौर पर हालाहुली प्रभारी आरएईओ गजपति साहू को नोटिस देकर कहा गया है कि आपके द्वारा मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। पिछले सीजन में अब तक की अवधि में जितनी धान खरीदी हुई थी, उससे कई गुना ज्यादा अभी खरीदा जा चुका है। दरअसल हालाहुली में गत वर्ष इसी अवधि तक जीरो खरीदी हुई थी, लेकिन इस साल 1568 क्विं. खरीदा जा चुका है। अपर कलेक्टर ने आरएईओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन नोडल अधिकारियों को नोटिस दिया गया है।
कापू और लिप्ती ने मारी बाजी
सबसे ज्यादा धान खरीदी करने वाले केंद्रों का पिछले साल का आंकड़ा देखें तो पता चलेगा कि जहां जीरो खरीदी हुई थी, वहां दो-तीन हजार क्विं. खरीदी हो गई। इस सूची में ज्यादातर दागी समितियां हैं। कापू में गत वर्ष 2123 क्विं. धान खरीदी हुई थी, लेकिन इस बार 8156 क्विं. खरीदा गया है। लिप्ती में भी 1769 क्विं. की तुलना में 6300 क्विं. खरीदी हो गई। सुर्खियों में रहने वाले लिबरा, जतरी, तमनार, खडग़ांव180 आदि केंद्रों में भरपूर धान बिक्री से प्रशासन अलर्ट हो गया है। आरएईओ को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

























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