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नहीं ले रहे ऑनलाइन टीपी, कच्चे रसीद में आ रहा गिट्टी

CrusherRaigarh
  • पुरानी मैन्युअल टीपी खत्म होने के बाद भी नई प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे क्रशर मालिक

रायगढ़। खनिज विभाग में मैन्युअल टीपी सालों पुरानी व्यवस्था एक अप्रैल से बंद हो चुकी है। जिनके पास पुरानी मैन्युअल टीपी थी, उससे कुछ दिन काम चलाया। इसके बाद अब पूरा काम कच्चे रसीद पर हो रहा है। जबकि सभी लाइमस्टोन क्रशरों को खनिज ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना है। मुख्य खनिजों की तरह ही गौण खनिजों में भी ई-परमिट और ई-ट्रांजिट पास जारी होना शुरू हो चुका है। सरकार की सख्ती का असर किसी भी क्रशर संचालक पर नहीं हो रहा है।

रायगढ़ और सारंगढ़ जिले के लाइमस्टोन क्रशर संचालक नई व्यवस्था को नहीं अपना रहे हैं। खनिजों के उत्पादन और परिवहन को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल 2.0 को लाइव किया गया है। शासन ने एक अप्रैल से खनिज ऑनलाइन पोर्टल 2.0 को पूरी तरह से लाइव कर दिया है। सभी खनिजों की ऑनलाइन टीपी ही जेनरेट होनी है। आदेश में कहा गया था कि जिसके पास पुरानी मैन्युअल टीपी है, वह खत्म होते तक इस्तेमाल करना है। उसके बाद मैन्युअल टीपी नहीं मिलेगी, सभी को ऑनलाइन पर्ची जारी करानी होगी।

रायगढ़ और सारंगढ़ जिला मिलाकर करीब 150 लाइमस्टोन क्रशर हैं। खनिपट्टा और भंडारण लाइसेंस धारकों को पंजीयन के बाद ऑनलाइन टीपी ही जारी करनी है। लेकिन टिमरलगा, गुड़ेली समेत सारंगढ़ के सभी क्रशर संचालक इसका पालन नहीं कर रहे हैं। बिना टीपी के ही कच्चे रसीद में गिट्टी भेजी जा रही है।

खनिज विभाग ने की ढिलाई
खनिज ऑनलाइन पोर्टल में पंजीयन के बाद सभी क्रशर संचालकों को गाड़ी नंबर और मात्रा के साथ एंट्री करनी होती है। ऑनलाइन पर्ची में डेस्टिनेशन भी लिखना होता है। दूरी के हिसाब से टीपी क्लोज होने का टाइम दिया जाता है। सारंगढ़ में ऑनलाइन टीपी जारी नहीं हो रही है। क्रशर संचालक कच्चे रसीद में ही गिट्टी सप्लाई कर रहे हैं। टीपी की जांच कोई नहीं कर रहा है इसलिए दोहरा फायदा हो रहा है।

पूरी तरह से अवैध हो रहा परिवहन
ऑनलाइन टीपी जारी न करके क्रशर मालिक सीधे गाड़ी निकाल रहे हैं। खनिज विभाग जांच नहीं कर रहा है। एक भी गाड़ी में टीपी नहीं है। मैन्युअल टीपी तो बहुत पहले ही खत्म हो चुकी है और ऑनलाइन जारी नहीं करवाया जा रहा है। संचालक खनिज रजत बंसल ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी ने नए नियमों के पालन में लापरवाही दिखाई तो अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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Editorial

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