रायगढ़। मतदाता सूची को शुद्ध करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंगलवार को एसआईआर के बाद प्रारंभिक सूची प्रकाशित कर दी गई। इसमें 19341 वोटर ऐसे मिले हैं जो 2003 की सूची में परिजनों से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं दे सके हैं। अब इनको नोटिस दिए जाएंगे। रायगढ़ सीट पर दस हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं। एसआईआर के बाद अब मतदान केंद्रों की संख्या भी 1156 से बढक़र 1217 हो जाएगी। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है। अब दावा-आपत्ति की प्रक्रिया प्रारंभ होने वाली है। मतदाता सूची को त्रुटिरहित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का काम किया जा रहा था जिसका प्रारंभिक ड्राफ्ट मंगलवार को प्रकाशित किया गया। एसआईआर में सबसे पहले 1200 मतदाताओं से अधिक संख्या वाले मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण किया गया।
अब रायगढ़ जिले की चारों विधानसभाओं में मतदानप केंद्रों की संख्या 1156 से बढक़र 1217 हो जाएगी। वोटर लिस्ट भी फिल्टर हो गई है। सबसे चौंकाने वालसा आंकड़ा अनमैपिंग वोटर्स का है। ऐसे 19341 मतदाता हैं जिन्होंने 2003 की सूची में अपने माता-पिता, या किसी अन्य संबंधी की जानकारी नहीं दी है। मतलब इन मतदाताओं की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं। इस बात की संभावना है कि इनमें से कई बाहर से आकर अवैध रूप से भी बसे हों। अब इन 19341 लोगों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद उनको दोबारा फॉर्म भरकर वैधता साबित करने दस्तावेज देने होंगे।
19 हजार मृतकों का नाम था दर्ज
मतदाता सूची में अब तक 18923 ऐसे वोटर्स का नाम दर्ज था जो मृत हो चुके हैं। मृत होने के बावजूद चुनावी प्रक्रिया में इनका डाटा मौजूद था। 39,950 वोटर दिए गए पतों पर ही नहीं मिले। ये लोग दूसरे विदेश, दूसरे राज्य या शहर में हमेशा के लिए शिफ्ट हो चुके हैं। 3175 मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम रायगढ़ के साथ कहीं और भी दर्ज हैं। इनमें ज्यादातर संख्या ओडिशा, उप्र और बिहार के निवासियों की है। अब इनका नाम रायगढ़ से कटेगा। राज्यों के विधानसभा चुनाव अलग-अलग वर्ष में होने की वजह से ये लोग दोनों जगहों पर मतदान कर रहे थे।


























You must be logged in to post a comment.