रायगढ़, 09 मार्च 2026। किसी भी शहर का भाग्य उसके विजनरी नेतृत्व से तय होता है। प्रत्येक भारतीय को ससम्मान तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाने वाले और रायगढ़ के विकास में अहम योगदान देकर जिले को देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक ‘महाशक्ति’ बनाने वाले Jindal Steel and Power Limited (JSPL) के चेयरमैन एवं लोकप्रिय लोकसभा सांसद Naveen Jindal का जन्मदिवस सोमवार को रायगढ़ में उत्साह, सेवा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया गया। 1970 में प्रख्यात उद्योगपति स्व. ओम प्रकाश जिंदल और सावित्री जिंदल के घर जन्मे नवीन जिंदल, अपने पिता की विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले सबसे छोटे पुत्र हैं, जिन्होंने रायगढ़ को अपनी ‘कर्मभूमि’ बनाया। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर, उनके ‘तिरंगा संघर्ष’ से लेकर रायगढ़ के विकास तक की उस यात्रा को याद करना बेहद प्रासंगिक है, जिसने इस शहर को एक नई पहचान दी। आइए एक नजर डालते हैं उनके इस सफर पर और जानते हैं कि आज उनका यह खास दिन शहर में किस तरह सेवा और उत्सव के रूप में मनाया गया।”
जब रायगढ़ आए नवीन: एक ‘ना’ से शुरू हुआ ‘तिरंगा संघर्ष’
जब नवीन जिंदल ने रायगढ़ में कदम रखा और यहाँ जिंदल प्लांट की नींव रखी जा रही थी, तब यह शहर उतना विकसित नहीं था। इसी कर्मभूमि पर उनके और देश के इतिहास का एक बड़ा अध्याय लिखा गया। बात 1993 की है, जब नवीन जिंदल रायगढ़ स्थित प्लांट परिसर में तिरंगा फहराने जा रहे थे, लेकिन उन्हें एक अधिकारी ने यह कहकर रोक दिया कि आम नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं है। यह बात उनके स्वाभिमान को चुभ गई। सितम्बर 1995 में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करने से शुरू हुआ यह संघर्ष लगभग एक दशक तक चला। अंततः 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हर भारतीय को पूरे साल गरिमा के साथ तिरंगा फहराने की अनुमति दी। इसी के बाद उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए ‘फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ की स्थापना की।
रायगढ़ के विकास का ‘जिंदल मॉडल’
तिरंगे की इस लड़ाई के साथ-साथ नवीन जिंदल ने रायगढ़ के विकास पर भी पूरा ध्यान केंद्रित किया। आज रायगढ़ के विकास में JSPL का बहुत बड़ा योगदान है। चाहे सैकड़ों किलोमीटर की चमचमाती सड़कें हों, मजबूत पुल-पुलिया हों, फॉर्टिस हॉस्पिटल हो, रोजगार हो या फिर स्टेडियम का जीर्णोद्धार—नवीन जिंदल ने ऐसी बुनियादी सुविधाओं में ऐसा निवेश किया है जो आमतौर पर सरकारें करती हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में, रायगढ़ में 824 मेगावाट का पावर प्लांट स्थापित करने के साथ ही ‘ओपी जिंदल इंडस्ट्रियल पार्क’ में अपनी बिजली वितरण व्यवस्था (JSPL-D) भी शुरू की गई है। पानी और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करते हुए उन्होंने लगभग 50 से अधिक गांवों के विद्युतीकरण (Electrification) में मदद की और 150 से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार कराया है। जरूरतमंदों की मदद के लिए CSR के माध्यम से जिंदल समूह दिल खोलकर जिले के विकास में सहयोग करता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जहाँ Fortis Hospital विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ बेहतरीन इलाज दे रहा है, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में रायगढ़ का सबसे बेस्ट स्कूल OP Jindal School और इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा के लिए OP Jindal University भी इसी विकासवादी विजन का अहम हिस्सा हैं।
राष्ट्र निर्माण में रायगढ़ का ‘स्टील’
नवीन जिंदल के नेतृत्व में रायगढ़ का यह प्लांट आज देश के बुनियादी ढांचे की रीढ़ बन चुका है। रायगढ़ में JSPL का 3.6 MTPA क्षमता वाला प्लांट कोयला आधारित स्पंज आयरन का दुनिया का सबसे बड़ा संयंत्र है। भारतीय रेलवे के तेजी से हो रहे विस्तार में भी जिंदल का अहम रोल है। जिंदल स्टील ने 121 मीटर लंबी ‘ट्रैक रेल’ का निर्माण किया है और इसे केवल 3 वेल्ड के साथ 484 मीटर तक जोड़ने की अत्याधुनिक सुविधा विकसित की है। हाई-स्पीड कॉरिडोर व मेट्रो रेल के लिए ‘हेड हार्डनड रेल्स’ बनाने वाली यह भारत की पहली कंपनी है। यह प्लांट नवाचार (Innovation) का भी प्रतीक है। नई ऑक्सीजन फर्नेस (NOF) तकनीक से नवंबर 2015 में एक दिन में 42 हीट्स (Heats) और 8 दिसंबर 2020 को 11,089 टन क्रूड स्टील का उत्पादन कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। 2025 के अंत तक इसकी स्ट्रक्चरल स्टील क्षमता 2.4 MTPA तक बढ़ाने की योजना है।
एक ‘विजनरी’ राजनेता की ग्लोबल उड़ान
उद्योग और समाज सेवा के साथ-साथ नवीन जिंदल ने राजनीति और वैश्विक व्यापार में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी है। 2004 से 2014 तक कुरुक्षेत्र से दो बार सांसद रहे श्री जिंदल वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर लोकसभा सांसद हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके व्यापक दृष्टिकोण का ही प्रमाण है कि वे प्रतिष्ठित ‘ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी’ के संस्थापक कुलाधिपति (Chancellor) और ‘ओपी जिंदल विश्वविद्यालय’ (OPJU) के संस्थापक संरक्षक भी हैं। एक संघर्षरत स्टील कंपनी को एशिया की अग्रणी ब्लू-चिप कंपनी में बदलने के उनके अद्भुत नेतृत्व के लिए, फॉर्च्यून एशिया पत्रिका ने उन्हें एशिया के 25 सबसे सफल व्यवसायियों में स्थान दिया है। 1995 से 2011 के बीच शीर्ष मूल्य सृजनकर्ताओं के बीटी-इंसेड-एचबीआर अध्ययन के आधार पर, ‘बिजनेस टुडे’ ने उन्हें ‘भारत का सर्वश्रेष्ठ सीईओ’ घोषित किया था। इतना ही नहीं, अमेरिका के बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) ने जेएसपीएल (JSPL) को विश्व में दूसरा सबसे अधिक मूल्य सृजन करने वाली कंपनी बताया है। उनकी इसी विजनरी सोच का ही नतीजा था कि साल 2006 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने उन्हें दुनिया के 250 युवा वैश्विक नेताओं की सूची में शामिल किया था।
नवीन जिंदल के जन्मदिन पर रायगढ़ में सेवा और उत्सव का संगम
इसी ऐतिहासिक सफर और सेवा भाव का जश्न सोमवार को उनके जन्मदिवस के रूप में मनाया गया। संयंत्र परिसर सहित आसपास के गांवों और शहर में दिनभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 6:30 बजे संयंत्र परिसर स्थित एयरस्ट्रिप लॉन में एक विशेष योग सत्र के साथ हुई। इस सत्र में कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने हिस्सा लिया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासन कराए गए।
सत्र के अंत में कार्यपालन निदेशक श्री रॉय ने रायगढ़ टीम की ओर से श्री जिंदल को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसके बाद उपस्थित लोगों ने केक काटकर खुशियां मनाईं। इसके बाद सुबह 10 बजे कंपनी के वाइस चेयरमैन वी.आर. शर्मा ने जिंदल सेंटर में श्री जिंदल के जीवन से जुड़ी तस्वीरों की एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में एक उद्योगपति, समाजसेवी, राजनेता और एक ‘खिलाड़ी’ के रूप में उनकी जीवन यात्रा के महत्वपूर्ण क्षणों को दर्शाती तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। सुबह 11 बजे विशेष बच्चों के केंद्र ‘जिंदल आशा’ में भी जन्मदिन मनाया गया और दोपहर में संयंत्र के कर्मचारियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई।
सेवा संस्थानों में गूंजी दुआएं, बांटे गए उपहार
सामाजिक सरोकारों के तहत जिंदल फाउंडेशन द्वारा रायगढ़ स्थित सद्गुरु कृपा आश्रम अपना घर, नीलांचल पंडरीपानी, बूढ़ी माई सेवा समिति कोसमनारा, ओल्ड एज होम पहाड़ मंदिर, नवजीवन डि-एडिक्शन सेंटर कौहाकुंडा, नई उम्मीद कौहाकुंडा, चक्रधर बाल सदन हांडी चौक, समर्थ होम तथा संचार ओल्ड एज होम डोंगाधकेल में जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराई गई। इन सभी संस्थानों में केक काटकर, भोजन और ‘उपहार’ वितरित कर जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। इस अवसर पर वहां मौजूद बुजुर्गों ने नवीन जिंदल को ‘रायगढ़ का लाडला’ बताते हुए बेशुमार प्यार और दुआओं से नवाजा।
50 मेधावी विद्यार्थियों को मिली ‘ओपी जिंदल छात्रवृत्ति’
श्री जिंदल के जन्मदिवस के अवसर पर शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए जिंदल फाउंडेशन द्वारा आसपास के गांवों के मेधावी विद्यार्थियों को ‘ओपी जिंदल छात्रवृत्ति’ प्रदान की गई। इसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ ही इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र भी शामिल हैं। परीक्षा के आधार पर चयनित 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों को सोमवार दोपहर जिंदल सेंटर में आयोजित समारोह में कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय ने स्कॉलरशिप प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य तय कर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बता दें कि इस योजना के तहत अब तक कुल 1780 छात्रवृत्तियां वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें 837 छात्र और 943 छात्राएं लाभान्वित हुई हैं।
इंटर यूनिट बैडमिंटन स्पर्धा का शानदार आगाज
अंत में, खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए जिंदल स्टील लिमिटेड की रायगढ़ यूनिट द्वारा इस वर्ष पहली बार ‘इंटर यूनिट बैडमिंटन स्पर्धा’ का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को नवीन जिंदल के जन्मदिन के अवसर पर इस स्पर्धा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। 13 मार्च तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में जिंदल स्टील समूह के विभिन्न संयंत्रों की कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
बहरहाल, रायगढ़ के औद्योगिक विकास से लेकर नवीन जिंदल की इस ‘ग्लोबल’ पहचान तक का सफर, जिले के इतिहास का एक अहम हिस्सा बन चुका है। उम्मीद है कि विकास और विजन का यह तालमेल आने वाले समय में रायगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
यहां देखिए जन्मदिन की तस्वीर

































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