रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक निवेश और आधुनिक शहरी अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) शुल्क में व्यापक छूट देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत मल्टीप्लेक्स, मिनी मॉल, निजी औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक हब, प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और कई अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को 50 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक डायवर्सन शुल्क में छूट मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे शहरों में भी आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत दी जा रही है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को गति देना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।
मल्टीप्लेक्स और मिनी मॉल को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
नई नीति के अनुसार विकासखंड मुख्यालयों और शहरी क्षेत्रों से 10 किलोमीटर की परिधि में बनने वाले मल्टीप्लेक्स सुविधायुक्त मिनी मॉल पर भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए लगने वाला डायवर्सन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा। यानी ऐसे प्रोजेक्ट लगाने वाले निवेशकों को 100 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से छोटे और उभरते शहरों में मनोरंजन, शॉपिंग और आधुनिक व्यावसायिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा और लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
औद्योगिक पार्कों को भी 100 प्रतिशत छूट
अधिसूचना के अनुसार न्यूनतम 15 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले पात्र निजी औद्योगिक क्षेत्र और औद्योगिक पार्कों को भी डायवर्सन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। इससे निजी निवेशकों को बड़े औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, पात्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) को औद्योगिक प्रयोजनों के लिए अधिकतम 15 एकड़ भूमि तक डायवर्सन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लैटेड फैक्ट्री को बढ़ावा
राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए निजी प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजनाओं को भी पूरी तरह डायवर्सन शुल्क से मुक्त कर दिया है। प्लग एंड प्ले मॉडल में उद्योग लगाने के लिए पहले से तैयार भवन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इससे उद्योगों को कम समय में उत्पादन शुरू करने में सुविधा मिलती है। फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल भी छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए कम लागत वाला आधुनिक विकल्प माना जाता है।
लॉजिस्टिक सेक्टर को भी मिलेगा बड़ा लाभ
नई व्यवस्था के तहत लॉजिस्टिक हब, लॉजिस्टिक पार्क, ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD), एयर कार्गो टर्मिनल, गति शक्ति कार्गो टर्मिनल और ट्रांसपोर्ट हब जैसी परियोजनाओं को भी 100 प्रतिशत डायवर्सन शुल्क छूट दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में परिवहन और सप्लाई चेन नेटवर्क मजबूत होगा। उद्योगों के लिए माल ढुलाई आसान होगी और छत्तीसगढ़ निवेश के लिए अधिक आकर्षक राज्य बन सकेगा।
बड़े उद्योगों को भी राहत
सरकार ने बड़े उद्योगों को भी राहत देते हुए औद्योगिक अथवा वाणिज्यिक उपयोग के लिए अधिकतम 50 एकड़ भूमि तक डायवर्सन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। इससे बड़े निवेशकों को नई परियोजनाएं शुरू करने में आर्थिक सहायता मिलेगी और राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ने की संभावना है।





















