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सक्ती में अमानक खाद-बीज पर बड़ी कार्रवाई: 23 दुकानों को नोटिस और 1 का लाइसेंस रद्द, डभरा के दो केंद्रों पर 30 दिन का बैन, नई कलेक्टर के तेवर से हड़कंप

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सक्ति। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही सक्ती जिले में अमानक खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों पर प्रशासन ने तगड़ा शिकंजा कस दिया है। जिले की नवनियुक्त कलेक्टर जयश्री जैन के कड़े तेवर ने कृषि सामग्री विक्रेताओं की नींद उड़ा दी है। कलेक्टर के सीधे निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा की गई ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई में 23 दुकानों को गड़बड़ी के आरोप में नोटिस थमाया गया है। वहीं, नियमों की घोर अनदेखी करने वाली एक फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से जिलेभर के उर्वरक व कीटनाशक विक्रेताओं में भारी हड़कंप है।

किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तरीय निरीक्षण दलों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक दबिश दी। जांच टीमों का मुख्य फोकस दुकानों के स्टॉक, वितरण पंजी और बेचे जा रहे माल की गुणवत्ता पर था। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच दल ने अब तक कीटनाशकों के 21 संदिग्ध नमूने भी जब्त किए हैं, जिन्हें असल गुणवत्ता परखने के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद अमानक सामग्री बेचने वालों पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

डभरा ब्लॉक में विशेष सख्ती, दो बड़े केंद्रों की बिक्री पर लगा बैन

इस सघन जांच अभियान का सबसे ज्यादा असर डभरा विकासखंड में देखने को मिला है। यहां निरीक्षण दल ने पेंड्रावां स्थित दीपक कृषि केंद्र और अमलडीहा के भानु कृषि केंद्र पर अचानक छापा मारा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर दोनों ही दुकानों में न तो स्टॉक बुक संधारित मिली और न ही वितरण या एक्सपायरी (अवसान) पंजी का कोई रिकॉर्ड पाया गया। इस गंभीर लापरवाही को नियमों का खुला उल्लंघन मानते हुए कीटनाशक निरीक्षक ने दोनों फर्मों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही, सख्त कदम उठाते हुए अगले 30 दिनों तक इन दोनों केंद्रों से किसी भी प्रकार के उर्वरक और कीटनाशक की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मुनाफाखोरी की तो खैर नहीं

जिले के प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कृषि कार्यों के इस अहम समय में किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच दलों ने सभी दुकानदारों को अपनी बिल बुक और वितरण पंजी पूरी तरह से अपडेट रखने तथा दुकान के सामने लाइसेंस प्रदर्शित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सक्ती के उप संचालक कृषि का स्पष्ट कहना है कि किसानों को सही कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अफसरों ने चेतावनी दी है कि औचक निरीक्षण का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और जो भी विक्रेता अमानक सामग्री बेचते पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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विकास पाण्डेय

न्यूज एडिटर

विकास पाण्डेय ने RIG24 Media Network से Journalism की शुरुआत की। Finance (NBFC) क्षेत्र में 15 वर्षों के अनुभव के बाद उन्होंने BJMC की Professional Degree प्राप्त की। अक्टूबर 2021 से वे ‘केलो प्रवाह’ की Digital Journalism से जुड़े हैं और Web News Portal के संचालन एवं संपादन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे क्षेत्रीय घटनाक्रम, Exclusive Reports, Politics, Finance, Infrastructure, Employment, Development, Crime और जनहित के मुद्दों पर निरंतर लेखन करते हैं।

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