- अपेक्स बैंक में नियम विरुद्ध काम, एकाउंट नंबर चेंज करते हुए दूसरे को दिया था कैश, लैलूंगा में पदस्थ हैं अधिकारी
रायगढ़, 9 अगस्त। लैलूंगा में हुए धान घोटाले में अपेक्स बैंक की कार्रवाई पूरी नहीं की गई। अपेक्स बैंक एमडी ने जांच करने का आदेश दिया था लेकिन अब तक मामले को लटकाया गया। इधर बरमकेला ब्रांच में भी अंशपूंजी को लोन एकाउंट में डालने का मामला सामने आ गया।
राजपुर, लैलूंगा और बीरसिंघा में रकबा बढ़ाकर धान बेचने के मामला में केवल प्रबंधकों और ऑपरेटरों पर कार्रवाई के बाद प्रकरण दबा दिया गया। तीनों केंद्रों में कई किसानों के रकबे में वृद्धि, एकाउंट नंबर चेंज, आधार नंबर भी बदलने जैसी गड़बड़ी की गई थी। इसके बाद अपेक्स बैंक पत्थलगांव ब्रांच से बिचौलियों को भुगतान किया गया। किसान की पहचान पुख्ता होने पर ही भुगतान किया जाता है लेकिन ब्रांच मैनेजर रामकुमार यादव और लेखाधिकारी अरुण कुमार मिश्रा ने बिचौलियों को ही रकम दे दी। इसकी पुष्टि उस जांच रिपोर्ट में की गई है जो कलेक्टर ने एमडी अपेक्स बैंक को भेजी थी। इसमें रामकुमार यादव की कारस्तानी को खुलकर लिखा गया है।
इसी तरह लेखाधिकारी अरुण मिश्रा ने भी यादव का पूरा साथ दिया है। एमडी अपेक्स बैंक ने मिश्रा को भी नोटिस दिया है। दरअसल राजपुर और लैलूंगा में फर्जी रकबे पर धान बेचने के बाद भुगतान करने के लिए बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया गया। ब्रांच से चलन से बाहर हो चुके पुराने चैकबुक जारी किए गए और इसके लिए कोई चार्ज भी नहीं लिया गया। लेखाधिकारी को दो लाख तक की नकद राशि आहरण स्वीकृत करने का अधिकार है लेकिन छह लाख तक की राशि स्वीकृत कर ली गई। दिलचस्प बात यह है कि पुराने आउटडेटेड चैकबुक उन्हीं किसानों को दिए गए जिनके रकबे में फर्जी बढ़ोतरी हुई थी। एमडी के आदेश पर विभागीय जांच शुरू हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
धरमजयगढ़, लैलूंगा, पुसौर और बरमकेला ब्रांच में हेराफेरी
बरमकेला में तो 11 समितियों के ऋण खातों से अंशपूंजी की राशि 47.50 लाख रुपए की वसूली की गई। उपायुक्त सहकारिता रायगढ़ ने बरमकेला अपेक्स बैंक ब्रांच मैनेजर को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा लैलूंगा और धरमजयगढ़ में फर्जी रकबे के आधार पर केसीसी और धान विक्रय किया गया है। साख सीमा भी मनमाने तरीके से बढ़ाई गई। वहीं पुसौर में भी वर्मी कम्पोस्ट समेत दूसरे लोन में गड़बड़ी की गई है।























