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सुप्रीम कोर्ट में देनी है जानकारी, 60 दिन में बताना होगा क्या किया!

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  • कलेक्टर ने रोड सेफ्टी टास्क फोर्स का किया गठन, डेढ़ महीने बाद कमेटी निकली सड़क पर

रायगढ़, (केलो प्रवाह)। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे किनारे हुए निर्माण, अतिक्रमण, पार्किंग आदि पर सख्ती दिखाई है। अब इसका असर दिख रहा है। देर से ही सही जिला स्तरीय रोड सेफ्टी टास्क फोर्स सडक़ पर उतरकर कुछ कार्रवाई करती दिखी। केंद्र और राज्य शासन के आदेश के बाद कलेक्टर ने सात सदस्यीय टीम का गठन किया है। अब अगले 60 दिनों में कमेटी को बताना होगा कि उन्होंने क्या कार्रवाई की है। हालांकि हाईवे किनारे स्थाई निर्माण और दी जा रही एनओसी को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। प्रदेश में नेशनल हाईवे के किनारे अवैधानिक निर्माण हो चुके हैं। कहीं कॉम्पलेक्स बन गया तो कहीं दुकान हाईवे के ऊपर तक आ गई।

किसी ने बहुमंजिला मकान बना लिया तो कोई गैरेज खोलकर बैठा है। एनएच से सटी हुई जमीन पर आवासीय व व्यावसायिक निर्माण करने का आदेश दिया जाता रहा। एनएच किनारे ट्रकों और ट्रेलरों ने पार्किंग एरिया बना डाला है। नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी व तेलंगाना के रंगारेड्डी में दो दर्दनाक हादसे हुए थे। दोनों हादसों में कुल 34 लोगोंं की मौत हो गई थी। दोनों ही मामलों में यात्री वाहन और ट्रक की टक्कर हुई थी। दोनों हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने सभी राज्यों और अथॉरिटीज को नोटिस जारी किया था।सुप्रीम कोर्ट ने 13 अप्रैल को दिए आदेश में सभी राज्यों को पालन कर हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा था।

जस्टिस जेके माहेश्वरी और अतुल एस चंदूरकर की बेंच ने कहा था कि अब कोई भी भारी वाहन नेशनल हाईवे के किनारे पार्क नहीं किए जाएंगे। एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने से पुलिस अलर्ट होगी और समयबद्ध तस्वीरों के जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाए। एनएचएआई, पुलिस, परिवहन विभाग को मिलकर क्रियान्वयन करना है। कलेक्टरों को एक एसओपी बनाकर कार्रवाई करनी है। राज्यों को 60 दिन के अंदर अधिसूचना जारी करनी है, जिसमें एनएच के बीच से 40 मीटर के दायरे में भूमि के आवासीय उपयोग और 75 मीटर तक कमर्शियल यूज पर प्रतिबंध होगा। केंद्र सरकार ने राज्यों को 25 मई को आदेश दिया। राज्य शासन ने जिलों को 30 जून को आदेश भेजा।

जिला कलेक्टर ने 3 जुलाई को टास्क फोर्स का गठन किया जिसमें एडीएम अपूर्व टोप्पो, एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएमएचओ अनिल जगत, ईई पीडब्ल्यूडी अमित कश्यप, डीएसपी ट्रैफिक, एसडीओ एनएच महेश गुप्ता और जिला परिवहन अधिकारी गौरव साहू को रखा गया है। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि 60 दिन के अंदर जिला स्तर पर अनुपालन रिपोर्ट दें, जिसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

लाइसेंस, एनओसी न दें, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग रोकें
छग सरकार को 60 दिन के अंदर अधिसूचना जारी करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी थी। अतिक्रमण की पहचान कर उनको सीएनएच एक्ट 2002 की धारा 26 के तहत नोटिस दिया जाना है। एनएचएआई को अपने मॉड्यूल राजमार्गयात्रा को शुरू करना होगा। एनएच की सीमा में कोई भी नया या पुराना अवैध निर्माण या अतिक्रमण हो, इसे तोडऩा होगा। 40 मीटर के अंदर आवासीय व 75 मीटर तक कमर्शियल निर्माण नहीं हो सकेगा। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि एनएच किनारे लाइसेंस या एनओसी, निर्माण स्वीकृति नहीं देनी है। अतिक्रमण और अवैध पार्किंग को हटाना होगा।

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