रायगढ़। नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन में तथा तालुका अध्यक्ष शहाबुद्दीन कुरैशी विशेष न्यायाधीश एवं अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा जी के मार्गदर्शन में मध्यस्थता अभियान (01 अगस्त से 31 दिसम्बर 2026) के अंतर्गत तालुका घरघोड़ा के पैरालीगल वालिंटियर आज दिनांक बालकृष्ण चौहान, टीकम सिदार , लवकुमार चौहान तथा सुभाष चौधरी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क कर विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों एवं आमजन को मध्यस्थता की अवधारणा, प्रक्रिया एवं लाभों के संबंध में सरल भाषा में जानकारी दी गई। बताया गया कि आपसी विवादों का समाधान हमेशा लंबी कानूनी लड़ाई से ही नहीं, बल्कि आपसी बातचीत, समझौते एवं सहमति के माध्यम से भी किया जा सकता है। इस दौरान PLV द्वारा ग्रामीणों को बताया गया कि मध्यस्थता में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलता है तथा प्रक्रिया स्वैच्छिक, निष्पक्ष एवं गोपनीय होती है।
भूमि एवं संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद, लेन-देन संबंधी विवाद तथा अन्य सुलह योग्य मामलों में मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र एवं शांतिपूर्ण समाधान के महत्व को समझाया गया। मध्यस्थ किसी पक्ष के पक्ष में निर्णय नहीं देता, बल्कि दोनों पक्षों को स्वयं समाधान तक पहुंचने में सहयोग करता। इसी दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12 सितम्बर 2026 के संबंध में भी आमजन को जानकारी देते हुए सुलह योग्य मामलों का आपसी सहमति से निराकरण कराने हेतु प्रेरित किया गया। मध्यस्थता अपनाएं—विवाद मिटाएं, समय और धन बचाएं।






















