- आठ के विरुद्ध आरआरसी जारी, कई उद्योगों की पुरानी बकाया राशि जमा
रायगढ़ (केलो प्रवाह)। नदी के अलावा भू-जल दोहन करने वाले उद्योगों से जलकर वसूली अभियान जारी है। अभी भी कई उद्योग राशि जमा नहीं कर रहे हैं। आरआरसी जारी करने के बाद भी बकाया जलकर नहीं दिया जा रहा है। जल संसाधन विभाग को जिले में करीब 132 करोड़ रुपए वसूलने हैं। इसमें 114 करोड़ तो गैर अनुबंधित कंपनियां का है।
महानदी, केलो नदी, कुरकेट, सपनई से पानी लेने के लिए उद्योगों ने जल संसाधन विभाग से अनुबंध किया था। सालाना लिए गए पानी का टैक्स भुगतान समय पर नहीं करने की वजह से बकाया बहुत ज्यादा हो गया था। जलकर वसूली अभियान छेडक़र अनुबंधित उद्योगों से वसूली की गई। 23 अनुबंधित उद्योगों पर 2025 में 60 करोड़ जलकर बकाया था। 2026 में यह बकाया राशि घटकर 17 करोड़ रह गई है। इस एक साल में बड़े बकाएदार कंपनियों से वसूली की गई।
जबकि 26 गैर अनुबंधित उद्योगों में से ज्यादातर भू-जल का दोहन कर रहे हैं। इनसे जलकर वसूली में कमी आई है। 2025 में 26 उद्योगों से 71 लाख रुपए वसूले जाने थे, जबकि 2026 में बकाया राशि बढक़र 114 करोड़ रुपए हो चुकी है। इसमें सालासार स्टील और इंड सिनर्जी का बकाया मिलाकर करीब 93 करोड़ है, जो अदालत में लंबित है। इंड सिनर्जी पर 50.95 करोड़ और सालासार स्टील पर 43.40 करोड़ बकाया हैं।
इनके विरुद्ध आरआरसी जारी
जल संसाधन विभाग ने पुराना बकाया जमा करने के लिए उद्योगों को नोटिस दिए थे। इसके बावजूद जलकर का भुगतान नहीं करने पर आरआरसी जारी करने की कार्यवाही की गई। नवदुर्गा फ्यूल्स, शिव शक्ति स्टील, रायगढ़ आयरन, केशव इस्पात, आरआर एनर्जी, इंड पावर, महामाया रोलिंग मिल को आरआरसी जारी की जा चुकी है।
बड़े बकाएदार
डीबी पावर – 5.22 करोड़
श्याम इस्पात – 1.49 करोड़
जेपीएल तमनार – 3 करोड़
जेएसडब्ल्यू स्टील – 3.24 करोड़
इंड सिनर्जी – 50.95 करोड़
सालासार स्टील – 43.40 करोड़
इंड पावर – 1.48 करोड़
नवदुर्गा फ्यूल्स – 11.57 करोड़
रायगढ़ आयरन – 1.20 करोड़
शिव शक्ति स्टील – 73 लाख























