IND vs IRE 2nd T20I: वर्ल्ड चैंपियन भारत के लिए आयरलैंड दौरा किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने भारत को 1 रन से हराकर न सिर्फ सीरीज 2-0 से अपने नाम की, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा अध्याय जोड़ दिया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। यह पहली बार है जब आयरलैंड ने भारत के खिलाफ किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में जीत हासिल की है। भारत की लगातार दूसरी हार ने टीम के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले मैच में 34 रन से हारने के बाद दूसरे मुकाबले में भी भारतीय बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और जीत के बेहद करीब पहुंचकर भी मुकाबला गंवा बैठे।
154 रन का आसान लक्ष्य भी नहीं कर सकी टीम इंडिया
दूसरे टी20 में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 154 रन बनाए। लक्ष्य बड़ा नहीं था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी शुरुआत से ही लड़खड़ा गई। सबसे बड़ा झटका पहले ही ओवर में लगा, जब संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा दोनों बिना खाता खोले गोल्डन डक पर आउट हो गए। इससे पूरी टीम दबाव में आ गई। इसके बाद मध्यक्रम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज अंत तक टिककर मैच फिनिश नहीं कर सका। निर्धारित 20 ओवर में भारत 9 विकेट पर 153 रन ही बना सका और मुकाबला सिर्फ 1 रन से हार गया।
आयरलैंड ने रचा इतिहास
यह जीत आयरलैंड क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। पहले मैच में 34 रन से जीत दर्ज करने के बाद दूसरे मुकाबले में भी दबाव के बीच शानदार गेंदबाजी करते हुए आयरिश टीम ने भारत को सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया। इसके साथ ही भारत के खिलाफ पहली बार द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
भारत की बल्लेबाजी रही सबसे बड़ी कमजोरी
पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। पहले मुकाबले में भी टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखर गई थी, जबकि दूसरे मैच में शुरुआती दो विकेट पहले ही ओवर में गंवाने के बाद टीम कभी पूरी तरह वापसी नहीं कर सकी। आसान लक्ष्य होने के बावजूद बल्लेबाज जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे।
इंग्लैंड दौरे से पहले बढ़ी चिंता
आयरलैंड के खिलाफ मिली इस हार ने टीम प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अगले महीने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अहम सीरीज खेलनी है। उससे पहले बल्लेबाजी क्रम, टीम संयोजन और दबाव में प्रदर्शन को लेकर कई सवाल सामने खड़े हो गए हैं। दूसरी ओर आयरलैंड ने साबित कर दिया कि अब वह बड़ी टीमों को हराने की क्षमता रखता है और किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।












