- पानी टंकी तक नहीं, बोरवेल से सप्लाई की पाईप लाईन बाहर लटक रही, ड्रेनेज के चेम्बर खुले
रायगढ़। एसईसीएल रायगढ़ कार्यालय के पास कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बनाई गई कॉलोनी पर वहीं के कर्मचारी सवाल उठाने लगे हैं। करीब 40 आवास बनए गए हैं लेकिन काम की गुणवत्ता पर ठेकेदार ने एसईसीएल को ठग लिया है। न सामग्री गुणवत्तापूर्ण है और न ही निर्माण। निर्माण अब भी पूरा नहीं हुआ है लेकिन दिसंबर 2025 में ही इसका लोकार्पण हो चुका है। एसईसीएल रायगढ़ एरिया के कोयला खदानों में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी आवास की समस्या से जूझ रहे थे। इनके लिए कोल मिनिस्ट्री ने राशि आवंटित की थी जिसके बाद आवासीय कॉलोनी बनाई जा रही है। लेकिन गुणवत्ता के लिहाज से ये कॉलोनी केंद्रीय कंपनी की नहीं कही जा सकती। जीएम ऑफिस के पास बन रहे अपार्टमेंट में सीपेज की समस्या पहले से थी।
एसईसीएल कार्यालय के बाजू में कॉलोनी बनाने का ठेका रायगढ़ की फर्म को दिया गया। यहां 26.91 करोड़ की लागत से आवास बनाए गए हैं। अभी भी काम पूरा नहीं हुआ है लेकिन उद्घाटन दिसंबर 2025 में हो चुका है। मार्च 2025 में काम पूरा हो जाना था लेकिन ठेका कंपनी ने अभी तक काम पूरा नहीं किया है। कंपनी ने करीब 25 प्रश बिलो में ठेका लिया था जिसके कारण गुणवत्ता से समझौता किया गया है। एल्युमिनियम पैनल, स्विच बोर्ड, पाइप लाइन, सीसी रोड सबकुछ दोयम दर्जे का है। सबसे बड़ी दिक्कत पाइपलाइन की है। बोरवेल से अपार्टमेंट के ऊपर रखी पानी टंकियों को भरा जा रहा है। कोई ओवरहेड टंकी का निर्माण नहीं किया गया जबकि 40 आवास बनाए गए हैं। बोर से पानी चढ़ाने के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई है, वह स्तरीय नहीं है। बिल्डिंग के बाहर यह पाइपलाइन हवा में लटकी हुई है।
ड्रेनेज चेम्बर भी खुले
दो टावरों का निर्माण किया जा चुका है। इसके आसपास की जमीन पर पाइपलाइन सतह पर दिख रही है। कहीं लोहे की पाइपलाइन बिछा दी गई है जो अब चलन में भी नहीं है। कहीं-कहीं तो लोहे और फाइबर पाइपलाइन को ही जोड़ दिया गया है। खिड़कियों में लगे एल्युमिनियम फ्रेम बहुत हल्की क्वालिटी के हैं। बताया जा रहा है कि बिलिंग में सभी सामग्रियों के रेट ब्रांडेड सामानों के हैं। लेकिन वास्तविकता उससे अलग है।
जल्दबाजी में किया हैंडओवर
दिसंबर 25 में काम अधूरा होने के बावजूद लोकार्पण कर दिया गया। ठेकेदार ने भी अधूरे वसुधा विहार को हैंड ओवर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक एसईसीएल की सिविल शाखा ने ठेकेदार के घटिया काम पर पर्दा डाला है। गुणवत्ताहीन काम का भी रनिंग बिल निकाला गया है। बरसात में छतों में जल जमाव के कारण सीलन होती है। केंद्रीय कंपनी के प्रोजेक्ट में लापरवाही और भ्रष्टाचार किया गया है।
छत तोडक़र निकाली पाईप लाईन
कॉलोनी में कई अपार्टमेंट्स बनाए जा रहे हैं। ऑफिसर्स और कर्मचारियों के आवास अलग-अलग डिजाइन के हैं। लेकिन खिडक़ी के ग्रिल से लेकर टाइल्स तक सब हल्की क्वालिटी के हैं। कुछ अपार्टमेंट में तो बाथरूम की छत में ही छेद कर दिया गया है। सीवेज वाटर और सेप्टिक की पाईप को बाथरूम के अंदर छत से छेद करके अंदर निकाला गया है। बाहर लगाए गए पेवर ब्लॉक का काम भी बेहद घटिया है।























