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प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने केरे गांव के होमस्टे का किया अवलोकन

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  • ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उभर रही नई पहचान, स्थानीय आजीविका को मिल रहा संबल
  • सफल होमस्टे मॉडल और आत्मीय मेजबानी से बढ़ रही केरे गांव की लोकप्रियता

रायपुर, 9 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय से यह गांव प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है। सोमवार को जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने विकासखंड जशपुर के ग्राम केरे में संचालित होमस्टे का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।

प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। गांव में वर्तमान में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन तथा पर्यटकों की बेहतर सेवा से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल की सफलता को और मजबूती प्रदान की है। पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें ताजा, पौष्टिक एवं घर में तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की सराहना की।प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं तथा ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

जिला प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। सकारात्मक अनुभवों, बेहतर व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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