रायगढ़। अगर आप अपने घर की बालकनी या गार्डन को खुशबूदार बनाना चाहते हैं, तो रजनीगंधा का पौधा लगाना एक बेहतर विकल्प है। इसकी मीठी सुगंध शाम होते ही हवा में घुल जाती है और पूरे घर का माहौल तरोताजा कर देती है। यही कारण है कि इसे “रजनी” यानी रात और “गंधा” यानी खुशबू के नाम से जाना जाता है। रजनीगंधा का इस्तेमाल गजरे और फूलों की सजावट में खूब किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसे घर पर उगाना बेहद आसान है। थोड़ी सी मेहनत और सही देखभाल से यह पौधा जल्दी बढ़ता है और ढेर सारे फूल देता है। इस लेख में हम घर में बालकनी या गार्डन में रजनीगंधा का पौधा लगाने, उसकी देखभाल करने और खूब फूल प्राप्त करने के आसान तरीकों पर चर्चा करेंगे।
कंद से उगता है रजनीगंधा
रजनीगंधा बीज से नहीं बल्कि कंद से उगाया जाता है। कंद प्याज जैसे छोटे और गोल होते हैं। पौधा लगाने से पहले ध्यान रखें कि कंद सड़े या खराब न हों। ताजे और सख्त कंद ही चुनें। रजनीगंधा को हल्की, जलनिकासी वाली मिट्टी पसंद है। मिट्टी में रेत और गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाकर पौधे के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार किया जा सकता है। मिट्टी ज्यादा चिकनी या पानी रोकने वाली न हो, वरना कंद सड़ सकते हैं। कंद को मिट्टी में लगभग दो इंच की गहराई पर लगाएं और दो कंदों के बीच कम से कम छह इंच की दूरी रखें। रोपाई के बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी बैठ जाए। शुरूआती दिनों में रोज थोड़ा-थोड़ा पानी देते रहें, लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो।
धूप और देखभाल जरूरी
रजनीगंधा को धूप बहुत पसंद है। पौधे को दिन में कम से कम पांच से छह घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। हर 20-25 दिन में गोबर की खाद या ऑर्गेनिक खाद डालते रहें। इससे पौधे में नई कलियाँ जल्दी बनती हैं और फूल अधिक आते हैं। गर्मियों में हफ्ते में दो बार पानी दें और बरसात के समय अतिरिक्त पानी से बचें। पौधे के आसपास खरपतवार न पनपने दें और मिट्टी को बीच-बीच में हल्का ढीला करते रहें।
तीन महीने में खिलते हैं फूल
रजनीगंधा का पौधा लगाने के करीब तीन महीने बाद इसमें कलियाँ आने लगती हैं। जुलाई से सितंबर के बीच इसके फूल सबसे अधिक खिलते हैं। एक बार जब पौधा विकसित हो जाए, तो उसके कंद अगले साल भी नए पौधों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
सुगंध से भरे माहौल के लिए उत्तम पौधा
रजनीगंधा का पौधा सुंदरता के साथ घर में ताजगी और शांति भी लाता है। शाम के समय जब इसके फूलों की खुशबू हवा में घुलती है, तो पूरा घर महक उठता है। यही कारण है कि इसे बागवानी प्रेमी अपने घर या छत के गार्डन में जरूर लगाते हैं।























