रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को संवारने के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने लाखों परिवारों को एक बड़ा सहारा दिया है। बीते दस मार्च से जब से इस महत्वाकांक्षी योजना का आगाज हुआ है, तब से हर महीने महिलाओं के खाते में एक हजार रुपये की सम्मान राशि पहुंच रही है। लेकिन इन दिनों प्रदेश भर में एक और विषय जोरों पर है और वह है योजना का ई-केवाईसी। अगर आप भी इस योजना का नियमित लाभ ले रही हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है क्योंकि सरकार ने अपात्र लोगों की छंटनी और सही हकदारों तक पैसा पहुंचाने के लिए सत्यापन की प्रक्रिया काफी तेज कर दी है।
योजना की शुरुआत में कुछ ऐसी महिलाओं ने भी आवेदन कर दिया था जो असल में इसके लिए पात्र नहीं थीं। इनमें कुछ ऐसी हितग्राही शामिल हैं जिन्हें बाद में सरकारी नौकरी मिल गई, कुछ ने खुद ही योजना से अपना नाम वापस ले लिया, तो कई शातिर लोगों ने दो-दो बार फॉर्म भर दिए। विभाग को जांच में यह भी पता चला है कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों और दूसरे राज्यों के निवासियों ने भी गलत तरीके से इस योजना का पैसा लिया है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग ने ऐसे फर्जी मामलों को पकड़ने के लिए कमर कस ली है।
गलत तरीके से ली गई राशि की वसूली की जा रही है और अपात्रों या मृत हितग्राहियों के नाम सूची से लगातार काटे जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि कुल 65.30 लाख हितग्राहियों में से 55.99 लाख से ज्यादा महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि प्रदेश में 85 फीसदी से ज्यादा ई-केवाईसी का काम निपट चुका है। अकेले राजधानी रायपुर में ही सवा चार लाख से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं। सत्यापन के इस बड़े अभियान में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की स्थिति काफी रोचक है। बालोद जिले ने बाजी मारते हुए 93 प्रतिशत से अधिक सत्यापन पूरा कर लिया है। वहीं कबीरधाम, बलौदाबाजार, कोरबा के साथ-साथ रायगढ़ जिला भी इस मामले में टॉप पांच में अपनी मजबूत जगह बनाए हुए है।
हालांकि, दूसरी तरफ बस्तर संभाग के हालात थोड़े चिंताजनक बने हुए हैं। मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत, जागरूकता की कमी और दूरस्थ भौगोलिक स्थिति के कारण कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में ई-केवाईसी की रफ्तार काफी धीमी है। इसी बीच ई-केवाईसी के नाम पर कुछ जगहों से अवैध वसूली की शिकायतें भी आ रही हैं, जिस पर प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। हाल ही में महासमुंद जिले में हितग्राहियों से पैसे मांगने वाले चार सीएससी संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर प्रोजेक्ट मैनेजर की टीम ने उनकी आईडी ब्लॉक कर दी है। यह बात हर लाभार्थी महिला को साफ तौर पर जान लेनी चाहिए कि महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया एकदम मुफ्त है।
इसके लिए किसी को भी चवन्नी देने की जरूरत नहीं है, और अगर कोई पैसे मांगता है तो वह पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। अधिकारियों के मुताबिक, ई-केवाईसी के दूसरे चरण की अंतिम तारीख 30 जून तय की गई है। इसके बाद जो महिलाएं किसी कारणवश छूट जाएंगी, उन्हें सीधे बाल विकास परियोजना कार्यालयों में जाकर अपना सत्यापन कराना होगा और वहां यह विभागीय प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी। इसलिए समय रहते अपना ई-केवाईसी पूरा कर लेना ही समझदारी है। अगर आपको यह जानना है कि आपके खाते में इस महीने की किस्त आई या नहीं, तो आमतौर पर बैंक से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस आ जाता है।
अगर किसी वजह से मैसेज नहीं आया है, तो आप इसे ऑनलाइन भी बड़े आराम से देख सकती हैं। इसके लिए महतारी वंदन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां होमपेज पर ही ‘आवेदन एवं भुगतान स्थिति’ का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करके अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आवेदन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें, आपको पूरी जानकारी तुरंत स्क्रीन पर दिख जाएगी। यही सुविधा सरकार ने महतारी वंदन योजना के मोबाइल ऐप पर भी दे रखी है, जिससे घर बैठे बिना किसी परेशानी के स्टेटस चेक किया जा सकता है।























