डिजिटल डेस्क। ऊंचे पहाड़ों पर सफर करना जितना रोमांचक है, उतना ही जोखिम भरा भी। हाल ही में मनाली-लेह नेशनल हाईवे से सामने आया एक विचलित करने वाला वीडियो इसी हकीकत को बयां कर रहा है। यहाँ चलते-चलते एक भारी भरकम ट्रक अचानक पाताल जैसी गहरी खाई की ओर समा गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढांचे की मजबूती और सफर की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक पल में बदल गया मंजर
वायरल हो रहे फुटेज में देखा जा सकता है कि मनाली-लेह मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। तभी एक भारी लोडेड ट्रक जैसे ही सड़क के एक विशेष हिस्से पर पहुँचा, जमीन ने उसका बोझ सहने से इनकार कर दिया। कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी की पूरी सड़क ताश के पत्तों की तरह ढह गई और ट्रक का पिछला हिस्सा गहरी खाई में लटक गया। पीछे चल रही कार में बैठे सैलानियों की चीखें वीडियो में साफ सुनी जा सकती हैं, जो इस मंजर की भयावहता को दर्शाती हैं।
कार सवार की सूझबूझ ने टाला बड़ा हादसा
इस पूरी घटना में ट्रक के ठीक पीछे आ रही कार के ड्राइवर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। जैसे ही सड़क धंसना शुरू हुई, ड्राइवर ने बिना घबराए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए और अपनी गाड़ी को रिवर्स गियर में डालकर सुरक्षित दूरी पर ले गया। यदि कार ड्राइवर की प्रतिक्रिया में एक सेकंड की भी देरी होती, तो यह हादसा और भी भीषण हो सकता था। सोशल मीडिया पर लोग इस सूझबूझ की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
पहाड़ों में ‘किलर रोड्स’ की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सड़कें अक्सर ‘कटिंग’ और कच्ची मिट्टी पर टिकी होती हैं। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण मिट्टी के अंदरूनी हिस्से खोखले हो जाते हैं। जब ट्रक जैसा कोई भारी वाहन (Fully Loaded) इन कमजोर पैच से गुजरता है, तो दबाव के कारण सड़क धंस जाती है। स्थानीय प्रशासन ने बाद में जेसीबी की मदद से ट्रक को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया और सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त किया।
पहाड़ों पर ड्राइविंग के लिए जरूरी चेतावनी
यह वायरल वीडियो केवल एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए सबक है जो पहाड़ों की यात्रा पर निकलता है। हाईवे पर दो वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी (Safe Distance) बनाए रखना कितना जरूरी है, यह इस घटना से साफ समझ आता है। सुरक्षा एजेंसियों की सलाह है कि पहाड़ी रास्तों पर चलते समय सड़क की सतह पर भी नजर रखें और ओवरलोडिंग से बचें।
देखें वीडियो
(डिस्क्लेमर: यह समाचार सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर बनाया वीडियो की सच्चाई की पुष्टि केलो प्रवाह नहीं करता)























