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नाबालिग भांजी की आबरू लूटने वाले वहशी मामा की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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रायगढ़ (केलो प्रवाह)। नाबालिग भांजी से दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहा आरोपी अब भी छाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। नाबालिग भांजी से दुष्कर्म के गंभीर आरोप में फरार रहे अमित उर्फ पुष्पेंद्र गोयल को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। आरोपी की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई पुलिस के स्तर पर जारी है। छाल थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पीड़िता ने अपने मामा अमित उर्फ पुष्पेंद्र गोयल पर लंबे समय तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर छाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (2) (एम) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत अपराध दर्ज किया है।

मामले में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने की कार्रवाई भी की गई है। बताया गया है कि पीड़िता ने डॉक्टर के सामने अपनी आपबीती बताई थी, जिसके बाद मामला सामने आया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में वर्ष 2022 से लगातार शोषण किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस प्रकरण के दौरान आरोपी से जुड़े पुराने विवाद और शिकायतों की जानकारी अभी सामने आई थी। उसके खिलाफ वित्तीय लेन-देन, कथित जालसाजी और गबन से जुड़े पुराने आरोपों तथा शिकायतों का भी उल्लेख किया गया था। कुछ ट्रांसपोर्टरों की ओर से भी उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों को लेकर शिकायत और नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन मामलों में संबंधित शिकायतों और दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपी के फरार रहने के दौरान उसके परिजनों द्वारा विभिन्न बैंक खातों से रकम निकाले जाने की जानकारी भी सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान इन वित्तीय लेन-देन की भी जांच किए जाने की बात सामने आई थी। फिलहाल हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अमित उर्फ पुष्पेंद्र गोयल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्रमुख कार्रवाई बनी हुई है।गंभीर पॉक्सो मामले में आरोपी अभी भी फरार है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद आरोपी के पास फिलहाल गिरफ्तारी से बचने का एक महत्वपूर्ण कानूनी रास्ता बंद हो गया है। ऐसे में अब निगाहें छाल पुलिस पर हैं।

गंभीर पॉक्सो मामले में आरोपी का लगातार फरार रहना केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार के भरोसे से भी जुड़ा मामला है। पुलिस ने यदि आरोपी की तलाश में दबिश दी है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए और यदि आरोपी फरार है तो उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों का भी जवाब देना चाहिए। सवाल सीधा है जब आरोपी को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली, तो फिर छाल पुलिस की गिरफ्त से वह अब तक बाहर क्यों है?

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विकास पाण्डेय

न्यूज एडिटर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय से वर्ष 1988 से निरंतर प्रकाशित हो रहे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' के 'Digital Wing' में News Editor की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। Finance (NBFC) क्षेत्र के 15 वर्षों के अनुभव के बाद इन्होंने 'RIG24 Media Network' से Journalism की शुरुआत की और कार्य के दौरान ही 'BJMC' की Professional Degree प्राप्त की। ​विकास अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के Web News Portal और Social Media Platforms का संचालन एवं संपादन कर रहे हैं। ये विशेष रूप से क्षेत्रीय घटनाक्रम, Exclusive रिपोर्ट्स, सीएम की गतिविधियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ Agriculture, Politics, Finance, Infrastructure, Development, Employment, Sports, Career, Current Affairs, सामाजिक, देश-प्रदेश और शासन-प्रशासन से संबंधित कई विषयों पर निरंतर लेखन कर रहे हैं, जो पाठकों की जरूरत के अनुसार उपयोगी हों।

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