छोड़कर सामग्री पर जाएँ

पीएम किसान सम्मान का लाभ ले रहे किसानों ने नहीं करवाया पंजीयन

Agri stack 1

रायगढ़। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने वाला किसान ही इस बार धान बेच सकेगा। पीएम किसान सम्मान योजना से आंकड़ों का मिलान करने पर पता चल रहा है कि जिन किसानों को इसका लाभ मिल रहा है, उन्होंने ही पंजीयन नहीं करवाया है। यह बात समझ से परे है क्योंकि छोटे किसानों को धान बेचने से ज्यादा लाभ होगा। रायगढ़ जिले में पीएम किसान सम्मान का वर्तमान में लाभ पा रहे 89206 किसान हैं। इसमें से फार्मर रजिस्ट्री में पंजीयन कराने वालों की संख्या 72315 है। जबकि पीएम किसान का लाभ नहीं ले रहे किसान 75308 है। इसमें से मात्र 20169 ने ही एग्रीस्टेक में पंजीयन करवाया है।

अब तक 92484 किसानों ने एग्रीस्टेक में पंजीयन करवा लिया है जो पिछले साल की कुल पंजीकृत संख्या 85241 से अधिक है। इसका रकबा अभी सामने नहीं आ रहा है। हालांकि गिरदावरी और डीसीएस के आंकड़े भी आपस में उलझ गए हैं। इसे लेकर स्पष्टता नहीं है। सरकार ने गिरदावरी करने के बाद फसल एंट्री भुइयां में की है। जबकि डिजिटल क्रॉस सर्वे की एंट्री नए पोर्टल में की गई है। दोनों का डाटा कहीं-कहीं मिसमैच हो रहा है। तकनीकी कारणों से हो रही परेशानी को ठीक करने के लिए काम चल रहा है। इस बीच अधिकारियों को रैंडम आधार पर सर्वे करने के लिए खसरे आवंटित किए गए हैं जिसका मौके पर सत्यापन किया जा रहा है।

खसरों की संख्या ज्यादा
सूत्रों के मुताबिक जिले में करीब साढ़े 11 लाख खसरे हैं। डीसीएस और गिरदावरी किए गए खसरों को जोडऩे पर करीब 15 लाख खसरे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि चार लाख खसरे ओवरलैप हो गए हैं। उनकी दो बार एंट्री हो गई है। इसे ठीक करने के लिए काम हो रहा है। डीसीएस करने वाले युवा भी नए थे। उनसे भी कई जगहों पर गलतियां हुई हैं।

इस खबर को शेयर करें:

8690517c9326392a68531b5faf7668b00e00b86685972a50e34c21832c7c1c6c?s=90&d=mm&r=g

Editorial

News Room

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से 1988 से निरंतर प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र 'केलो प्रवाह' का यह Official Digital News Room है। हमारी संपादकीय टीम देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरों, सीएम की गतिविधियों और शासन की जनहितैषी योजनाओं को प्रमुखता से साझा करती है। किसानों के हित में समर्पित हमारी टीम, 'जल, जंगल और जमीन' से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाली रिपोर्टिंग के साथ ही सुदूर अंचलों की ज़मीनी हकीकत को सामने लाती है। जनहित से जुड़ी गतिविधियों, खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों की 'Exclusive' खबरों को Evidence के साथ प्रमाणिकता से प्रकाशित करना हमारी प्राथमिकता है। राजनीति, प्रशासन, अपराध, स्पोर्ट्स, रोज़गार, खेती-किसानी और धार्मिक विषयों सहित हर क्षेत्र की खबरों को पूरी शुचिता के साथ प्रस्तुत करना ही हमारा संकल्प है।

Share: