खरसिया। रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अंतर्गत एक दुखद घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी लगाए गए दिव्यांग शिक्षक श्री हेमसागर कमलवंशी, शासकीय माध्यमिक शाला कन्या आश्रम तेंदुमुडी, की ट्रेनिंग से लौटते समय दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य के प्रचलित नियमों के तहत दिव्यांग, 60 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारी, गर्भवती महिलाएं, लंबे समय से मेडिकल अवकाश पर रहने वाले तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जानी चाहिए। इसके बावजूद दिव्यांग शिक्षक श्री कमलवंशी की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगा दी गई।
बताया गया कि श्री कमलवंशी ने स्वयं दिव्यांग होने के आधार पर जनगणना कार्य से पृथक किए जाने हेतु तहसील कार्यालय के संबंधित लिपिक हेमंत साहू को दो बार आवेदन भी दिया था, लेकिन कार्यालय द्वारा इसे नजरअंदाज कर दिया गया। इस गंभीर मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन खरसिया ने 23 अप्रैल 2026 को एसडीएम, तहसीलदार, जनगणना चार्ज अधिकारी तथा बीईओ को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन ने मृतक शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, तत्काल अनुकंपा नियुक्ति तथा सभी स्वत्वों के शीघ्र भुगतान की मांग की।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जनगणना ड्यूटी लगाने में भाई-भतीजावाद और पक्षपात किया गया। उदाहरण स्वरूप ग्राम पतरापाली के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में 4 शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद उन्हें निजी लाभ देने के उद्देश्य से छोड़कर ग्राम बरगढ़ के शिक्षक की वहां ड्यूटी लगा दी गई। फेडरेशन ने ऐसे कई मामलों की जांच की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान एसडीएम श्री तिवारी ने मुआवजा राशि, अनुकंपा नियुक्ति और स्वत्वों के जल्द भुगतान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
साथ ही तहसीलदार एवं बीईओ को ड्यूटी सूची तैयार करने वाले संबंधित कर्मचारियों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के ब्लॉक संयोजक दीनबंधु जायसवाल, सहसंयोजक गुलाब कंवर, पूर्व संयोजक मानसाय यादव, संरक्षक गिरजा शंकर शुक्ला (उप प्रांताध्यक्ष संयुक्त शिक्षक संघ), लकेश्वर राठौर, छतराम पटेल, झांकेश्वर नायक, दिगंबर पटेल, शोभनाथ यादव सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।























