- दोनों उपार्जन केंद्रों को मिलाकर 36 हजार क्विंटल धान खरीदी, कई केंद्रों में 500 क्विंटल भी नहीं हुआ उपार्जन
रायगढ़। धान खरीदी को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ केंद्र ऐसे हैं जो कंट्रोल से बाहर हो चुके हैं। कापू और लिप्ती में ताबड़तोड़ खरीदी होने से प्रशासन परेशान है। यहां रोजाना धान खरीदी का आंकड़ा तीन हजार क्विंटल पहुंच रहा है। इसके अलावा धरमजयगढ़, लिबरा और जमरगी डी भी सुर्खियों में हैं। धान की आवक असमान है। धरमजयगढ़ ब्लॉक के कुछ केंद्रों में धान बहुत कम आ रहा है। इससे उलट कापू समिति के दोनों फड़ों में जमकर खरीदी हो रही है। जिले में 103 केंद्रों में से 25 ही ऐसे हैं जहां पांच हजार क्विंटल से अधिक धान आया है।
इसमें भी पांच ही केंद्र ऐसे हैं जहां धान का आंकड़ा दस हजार क्विंटल से अधिक है। इसमें कापू समिति के कापू और लिप्ती प्रमुख हैं। इस केंद्र में पिछले सीजन में भी जमकर बोगस खरीदी की गई थ्री जिसे मिलान के समय बराबर कर लिया गया। इस बार भी यहां खेल हो गया। इस बार कापू 18971 क्विंटल, लिप्ती 17383, जमरगी डी 11744, लिबरा 17553, धरमजयगढ़ 15374 क्विंटल खरीदी हुई है। इसके अलावा कुड़ेकेला 5975, केशला 8436, कोंड़पाली 5572, कोंड़ातराई 8508, कोड़ासिया 6962, गेरसा 7430, गोर्रा 7444, छिछोर उमरिया 6064, जतरी 7163, तमनार 6085, तेलीपाली 7416, दुर्गापुर 7563, नवापारा मांड 6728, बानीपाथर 6935, मुकडेगा 6815, बीरसिंघा 5448, लैलूंगा 7514, लोइंग 6464, ससकोबा 5997 और हालाहुली 5010 क्विंटल खरीदी हो चुकी है।
आज एक लाख क्विंटल के टोकन
अब धान खरीदी में प्रतिदिन एक लाख या इससे अधिक धान खरीदी होगी। दिसंबर मध्य से यह आंकड़ा बढ़ता है जो 20 जनवरी तक चलेगा। 8 दिसंबर को 210 टोकन में 97 हजार क्विंटल धान का टोकन जारी किया गया है। इसमें भी लिप्ती में 2026 क्विं. और कापू में 2926 क्विं. खरीदा जाना है। इसके अलावा कोंड़ातराई, ससकोबा आदि भी बहुत ज्यादा खरीदी कर रहे हैं।























