- कई कारोबारियों ने एनएच की जमीन दबाई, 60 दिन के अंदर हटाना है अतिक्रमण
रायगढ़। नेशनल हाईवे किनारे हुए निर्माणों पर कार्रवाई करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। रायगढ़ में अब असमंजस की स्थिति आ गई है। न चाहकर भी कार्रवाई करनी पड़ेगी। खरसिया से रेंगालपाली तक और छातामुड़ा से कोंड़ातराई के बीच एक-दो नहीं सौ से ज्यादा ऐसे निर्माण हैं जो सटकर हुए हैं। अब इन पर कार्रवाई होनी तय है। कई सेठों ने तो एनएच की जमीन भी दबा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे के किनारे हुए अतिक्रमण पर कार्रवाई का आदेश दिया है। दो सडक़ हादसों के बाद सुओमोटो लिए गए प्रकरण में अदालत बेहद गंभीर है। इस मामले को अर्जेंट मानते हुए विस्तृत आदेश दिया गया है।
जब दोनों एनएच के लिए अधिग्रहण किया गया था तो सडक़ के बीच से 30-30 मीटर दोनों ओर की जमीन ली गई थी। इतने हिस्से में तो कोई निर्माण होना ही नहीं चाहिए। लेकिन एनएच 49 में खरसिया के रेंगालपाली के बीच अनगिनत कमर्शियल और आवासीय निर्माण कर लिए गए हैं। कांशीराम चौक के आसपास तो नाली के ऊपर भी शेड लगाए जा चुके हैं। बिना किसी एनओसी के मकान और दुकान बना लिए गए। एनएच 153 में भी यही हाल है। छातामुड़ा चौक क्रॉस करते ही दोनों ओर कमर्शियल निर्माण नजर आते हैं। ट्रैक्टर शोरूम, राइस मिल, कॉम्पलेक्स, दुकान, फैक्ट्री एनएच से लगकर है। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि एनएच के बीच से 40 मीटर के दायरे में भूमि को आवासीय उपयोग और 75 मीटर तक कमर्शियल यूज पर प्रतिबंध होगा। जो निर्माण अवैधानिक हैं उनको हटाया जाना है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण
रायगढ़ शहर से बाहर जाने वाले सारंगढ़ एनएच और खरसिया एनएच में धड़ल्ले से अतिक्रमण हो रहे हैं। रोड के मध्य से 100-100 फुट दोनों ओर पीडब्ल्यूडी एनएच की सडक़ है। कई कारोबारियों ने बाउंड्रीवॉल के नाम पर अवैध निर्माण कर लिए हैं। राष्ट्रीय राज मार्ग में नगर पालिक निगम रायगढ़ के अंतर्गत स्थित वार्ड नंबर 41 ग्राम सहदेवपाली ग्रीन जोन अंतर्गत आता है। जहां एनएच से 100 फुट की परिधि की भूमियों की खरीद बिक्री एवं निर्माण प्रतिबंधित होना चाहिए। लेकिन यहां खुलेआम एनएच से लगकर निर्माण हो रहे हैं। कई लोगों ने बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर लिया है।



























You must be logged in to post a comment.