रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित विकास और कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय बनाकर विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर, सचिव पवन कुमार नेताम, जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलखो, गोपाल अग्रवाल, रजनी राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो और सहायक आयुक्त आदिवासी श्रीकांत दुबे सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
पेसा कानून का कड़ाई से पालन और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
आयोग अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी ने पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पेसा (PESA) कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए भूमि का उपयोग ग्रामसभा की सहमति से ही किया जाए और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा मिले। इसके साथ ही उन्होंने वन अधिकार पत्रों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों और तेंदूपत्ता संग्राहकों से जुड़े मामलों की समीक्षा की।
धरती आबा अभियान के तहत जिले के 320 गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों, जैसे बिरहोर और पहाड़ी कोरवा तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने सुदूर क्षेत्रों में बच्चों के स्कूल पहुंचने के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार करने, पेयजल संकट दूर करने, सड़कों का उन्नयन करने और आश्रम-छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं सुधारने को कहा। इसके अलावा बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के व्यवस्थित संधारण पर भी बल दिया।
रोजगार, कृषि और राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश
समीक्षा के दौरान कृषि विभाग को किसानों को खाद, बीज और फसल बीमा का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा सहकारिता विभाग को जनजातीय परिवारों को कृषि ऋण व अन्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग को पंजीयन शिविर लगाने और योजनाओं का प्रचार करने को कहा गया, जबकि मनरेगा के जरिए रोजगार सृजन और महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने भूमि हस्तांतरण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने को कहा। उन्होंने रेत के अवैध खनन व परिवहन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई, जनजातीय युवाओं के लिए स्वरोजगार कार्ययोजना और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में जिला प्रशासन द्वारा आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।























