- तबले की थाप और संतूर के सुरों से गूंजा समारोह स्थल
- शास्त्रीय संगीत के सुर-ताल से सजी चक्रधर समारोह की आठवीं संध्या
रायगढ़। चक्रधर समारोह 2026 की आठवीं संध्या में भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुर और ताल ने श्रोताओं को बांधे रखा। बनारस घराने के तबला वादक उदय शंकर मिश्रा, मुरादाबाद घराने के पखावज वादक सलमान खान और सोपोरी सूफियाना घराने के संतूर वादक दिव्यांश हर्षित श्रीवास्तव ने अपनी प्रस्तुतियों से समारोह स्थल को तालियों से गूंजा दिया। तीनों कलाकारों ने अपनी-अपनी वादन शैलियों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविध और समृद्ध परंपराओं से श्रोताओं को परिचित कराया।
उदय शंकर मिश्रा ने पेश की बनारस घराने की तबला परंपरा
उदय शंकर मिश्रा ने बनारस घराने की तबला परंपरा की प्रस्तुति दी। वे पं. माता प्रसाद मिश्रा और पं. प्रमोद कुमार मिश्रा के शिष्य हैं। उनकी प्रस्तुति में बनारस घराने की वादन शैली और तबले की पारंपरिक लयकारी की झलक देखने को मिली। तबले की थाप और विभिन्न तालों के माध्यम से उन्होंने श्रोताओं को शास्त्रीय वादन की बारीकियों से रूबरू कराया।
सलमान खान ने पखावज की पारंपरिक तालों से बांधा समां
मुरादाबाद घराने की सातवीं पीढ़ी के पखावज वादक सलमान खान ने पखावज की पारंपरिक तालों से श्रोताओं को परिचित कराया। उन्होंने पं. राम किशोर दास और पं. दलचंद शर्मा से पखावज की शिक्षा प्राप्त की है। देश-विदेश में विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति दे चुके सलमान ने अपने वादन से पखावज की समृद्ध परंपरा को सामने रखा। उनकी प्रस्तुति में पखावज की गूंजती थाप और लय की विविधता ने श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।
दिव्यांश हर्षित श्रीवास्तव ने संतूर के सुरों से सजाई शाम
संतूर वादक दिव्यांश हर्षित श्रीवास्तव ने सोपोरी बाज में संतूर की प्रस्तुति दी। वाराणसी के संगीत परिवार से आने वाले दिव्यांश ने पं. भजन सोपोरी की गुरु-शिष्य परंपरा में प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा पं. अभय रुस्तम सोपोरी से भी मार्गदर्शन लिया। उनकी प्रस्तुति में मींड, खटका, मुरकी और अन्य सूक्ष्म स्वर तत्वों की झलक देखने को मिली। संतूर के मधुर सुरों ने समारोह की शास्त्रीय संगीत से सजी शाम को और सुरमयी बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।






















