सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने महकमे की नींद उड़ा दी है। जैजैपुर थाने की नाक के नीचे से एक शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसके बाद जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कस्टडी से आरोपी के भागने को अनुशासनहीनता और ड्यूटी में घोर लापरवाही मानते हुए एसपी ने मौके पर तैनात एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाकर हुआ फरार
इस पूरे घटनाक्रम ने सक्ती पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के बाद उसे जैजैपुर थाने की कस्टडी में रखा गया था। लेकिन वहां तैनात जवानों की सुस्ती और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का फायदा उठाकर वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर रफूचक्कर होने में कामयाब रहा। जैसे ही मामले की भनक आला अधिकारियों को लगी, पूरे जिले के पुलिस बेड़े में हड़कंप मच गया।
जांच में खुली लापरवाही की पोल
आरोपी के भागने की खबर मिलते ही पुलिस कप्तान ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल विभागीय जांच के आदेश दिए। शुरुआती तफ्तीश में यह बात साफ हो गई कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। इसी ढिलाई की वजह से शातिर आरोपी को भागने का मौका मिला। जांच रिपोर्ट में एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों की भूमिका संदिग्ध और दोषपूर्ण पाई गई।
एसपी का सख्त एक्शन: लाइन हाजिर हुए कर्मचारी
दोषी पाए जाने पर एसपी कार्यालय ने निलंबन का फरमान सुना दिया। आदेश के तहत चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर जैजैपुर थाने से हटा दिया गया है और उन्हें रक्षित केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो जांच पूरी होने के बाद इन कर्मचारियों पर सेवा संबंधी और भी कड़ी गाज गिर सकती है।


























