- नमी की वजह से नीचे जम रही है डस्ट, प्रदूषण चरम पर, अपने गोदग्रामों को ही बना रहा बीमार
रायगढ़। उद्योग केवल दिखावे के लिए गांवों को गोद लेते हैं। वादा किया जाता है कि इन गांवों में सुविधाओं का विकास किया जाएगा, लोगों की सहूलियत के लिए काम करेंगे। धरातल पर ऐसा कुछ होता नहीं है। हमीरपुर रोड पर स्थित शिव शक्ति स्टील प्लांट से आसपास के गांव त्रस्त हैं। प्लांट की चिमनी से निकल रही कालिख लोगों के घरों में पहुंच रही है। चक्रधरपुर में शिव शक्ति स्टील प्लांट स्थित है। संयंत्रों को चिमनी से राख निकलने से रोकने के लिए ईएसपी और गंदे पानी को रोकने के लिए ईटीपी लगाना अनिवार्य होता है। प्लांट संचालन के दौरान दोनों ही इकाईयां चलनी जरूरी हैं।
शिव शक्ति स्टील की चिमनी से गहरा काला धुआं उत्सर्जित हो रहा है। कंपनी ने चक्रधरपुर और चुनचुना को गोद लिया है। दोनों ही गांवों में रहना मुश्किल हो गया है। ईएसपी बंद करने की वजह से प्रदूषित डस्ट युक्त काला धुआं पूरे इलाके में फैल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोड से गुजरने पर भी डस्ट के कारण आंख में खुजली हो रही है। ठंड के मौसम में डस्ट नीचे बैठता जाता है। इसीलिए घरों में रोज काली डस्ट की परत छा रही है। प्लांट प्रबंधन को ईएसपी चलाने पर ज्यादा बिजली खपत करनी पड़ती है। इसलिए शिव शक्ति स्टील भी ईएसपी नहीं चला रहा है।
प्रदूषण से कौन बचाएगा
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी बेशकीमती जमीनें देकर शिव शक्ति स्टील प्लांट लगवाया। इसके बदले अब उनको बीमारियां मिल रही हैं। डस्ट के कारण आंखों में खुजली हो रही है। तालाब का पानी भी काला दिखता है। जंगल में पेड़ों के पत्ते भी काले ही दिख रहे हैं। घर के अंदर तक महीन डस्ट पहुंच रही है। इतने ज्यादा प्रदूषण से बचने के लिए ग्रामीण कहां जाएं, समझ नहीं आ रहा है।























