बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में कथित धार्मिक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात भीषण सामुदायिक हिंसा में बदल गया। शहर के खपरगंज इलाके में दो गुटों के बीच जमकर पथराव और तोड़फोड़ हुई। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमले किए गए, जिसमें तारबाहर थाना प्रभारी (टीआई) रवि तिवारी का सिर फट गया और आठ अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
छींटाकशी से भड़का आक्रोश, गाड़ियों और दुकानों में तोड़फोड़
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत खपरगंज स्थित एक बिरयानी सेंटर के पास हुई। वहां मौजूद कुछ युवकों के बीच पहले छींटाकशी हुई, जिसके बाद कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर बहस शुरू हो गई और बात मारपीट तक पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मारपीट में एक बुजुर्ग के घायल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग भारी संख्या में मौके पर जुट गए और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। खपरगंज से शुरू हुआ पथराव आसपास के इलाकों तक फैल गया। उपद्रवियों ने सड़क पर खड़ी गाड़ियों, आसपास के घरों और दुकानों को निशाना बनाते हुए जमकर नुकसान पहुंचाया।
ये 11 उपद्रवी चढ़े पुलिस के हत्थे
उपद्रव शांत होने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर धरपकड़ तेज करते हुए अब तक दोनों पक्षों के 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में खपरगंज इलाके से मौला बक्स उर्फ जूब्बू (37), मोहम्मद जाहिद खान (45), सफीक अहमद उर्फ राजा खान (31), मोहम्मद लाइक (37) और मो. जुनैद (21) शामिल हैं। इनके अलावा तालापारा निवासी शेख अजरुद्दीन उर्फ अज्जू (25), जूनी लाइन निवासी शकीर उर्फ सोनू (24), सरकंडा के जबड़ापारा का रहने वाला रेहान अली उर्फ ईरानी (19), सिरगिट्टी के कुंदरापारा निवासी राजू यादव उर्फ नान (30) व राकेश यादव उर्फ रिंकू (24) तथा सरकंडा के डबरीपारा का रहने वाला छत्रपाल साहू (25) भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
सीसीटीवी से हो रही पहचान, दोनों पक्षों पर कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल नाम आने के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का बारीकी से सत्यापन करने के बाद ही कानूनी कार्रवाई हो रही है। इस मामले में ठाकुर रामसिंह और सोहेल खान समेत कुछ अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। वर्तमान में शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। तनावपूर्ण स्थिति का फायदा उठाकर अफवाह फैलाने वालों को रोकने के लिए साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी रख रही है।
“बिलासपुर में दो पक्षों के विवाद मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक पक्ष से 8 और दूसरे पक्ष से 3 आरोपी हैं। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।” – रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बिलासपुर























