- शालाओं के युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षकों की बदलेगी जिम्मेदारी, 20 अगस्त तक का समय
रायगढ़, 10 अगस्त। सरकार ने स्कूलों का युक्तियुक्तकरण करने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पुरानी अतिशेष शालाओं की सूची को खारिज कर दिया गया है। अब बीईओ से नए सिरे से लिस्ट मंगाई जा रही है। मानकों के विपरीत पाए जाने पर स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। इसके बाद अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। शिक्षा में बेहतरी के लिए बदलाव की शुरुआत की जा रही है। सबसे पहले स्कूलों को बंद किया जाएगा। निर्धारित बिंदुओं के अनुसार स्कूलों का परीक्षण किया जाएगा।
एक ही परिसर में संचालित स्कूलों को समायोजित किया जाना है। जिन स्कूलों में 10 से कम बच्चे हैं, उनको निकटस्थ दूसरे स्कूलों में मर्ज कियसा जाएगा। एक ही स्तर के दो स्कूलों के बीच दूरी कम होने के साथ बच्चों की दर्ज संख्या कम होने पर भी मर्ज किया जाना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने करीब एक साल पहले ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी लेकिन तब युक्तियुक्तकरण नहीं किया जा सका था। अब पुन: बीईओ से इन बिंदुओं के आधार पर स्कूलों की जानकारी मांगी गई है। इसका शेड्यूल आ चुका है।
कई स्कूल ऐसे हैं जहां बच्चे 10-15 ही हैं, लेकिन शिक्षक तीन या इससे अधिक हैं। पास में दूसरा प्रायमरी स्कूल होगा तो ऐसे स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। 20 अगस्त तक बीईओ को लिस्ट भेजनी है। विकासखंड स्तरीय समिति इसका परीक्षण कर 30 अगस्त तक जिला स्तरीय समिति को सूची भेजेगी। जिला स्तरीय समिति 4 सितंबर तक सूची लोक शिक्षण विभाग को भेजेगी। 9 सितंबर तक शासन को भेजने के बाद 16 सितंबर तक शालाओं को आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसी तरह अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण 4 सितंबर से शुरू होगा और 11 अक्टूबर को पूरा होगा।
पढ़ाई पर पड़ेगा असर
शिक्षण सत्र को प्रारंभ हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं। बीच में युक्तियुक्तकरण होने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। कई स्कूलों पर ताला लगेगा। पुरानी सूची के हिसाब से रायगढ़ जिले में करीब 200 स्कूल प्रभावित हो सकते हैं। जो स्कूल बंद होगा, उसके प्रवेशित बच्चों को दूसरे स्कूल में जाना पड़ेगा। जिन स्कूलों को मर्ज किया जाएगा, उन पर स्कूल जतन योजना के तहत लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं। बेहतर होता कि शासन पहले युक्तियुक्तकरण करता और उसके बाद जीर्णोद्धार।























