- मासूम बच्ची बाड़ी में घुसे मवेशियों को भगाने गई थी, खेत के मालिक ने फसल सुरक्षा के नाम पर लगाया था विद्युत प्रवाहित झटका तार
रायगढ़-खरसिया। खरसिया विधानसभा क्षेत्र के जोबी चौकी अंतर्गत खड़गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। अपने घर की बाड़ी में घुसे जानवरों को भगाने निकली 8 साल की मासूम बच्ची की बिजली के तार की चपेट में आने से जान चली गई। खेत मालिक ने अपनी फसल को जानवरों से बचाने के लिए गैर-कानूनी तरीके से तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मवेशी भगाने के दौरान हुआ हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, खड़गांव निवासी संतोष कुमार सिदार की 8 वर्षीय पुत्री भावना कुमारी सिदार बीती 8 अगस्त को अपने घर के पास स्थित बाड़ी में गई थी। बाड़ी में कुछ मवेशी घुस आए थे, जिन्हें भगाने के दौरान बच्ची पास ही खेत में लगाए गए विद्युत प्रवाहित तार के संपर्क में आ गई। तेज करंट लगने से भावना मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ी।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद बच्ची के पिता संतोष सिदार मौके पर पहुंचे और किसी तरह बेटी को तार से अलग किया। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए पद्मावती हॉस्पिटल खरसिया ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को सिविल अस्पताल खरसिया ले जाया गया, जहां से मर्ग इंटीमेशन की सूचना खरसिया पुलिस और संबंधित चौकी को भेजी गई।
जांच के बाद आरोपी पर अपराध दर्ज
सिविल अस्पताल खरसिया से मिले मर्ग पंचनामा और शुरुआती जांच के बाद मामले की डायरी पुलिस चौकी जोबी स्थानांतरित की गई। मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने मृतिका के पिता संतोष कुमार सिदार, सरिता सिदार, मानसी सिदार और तरूण नायक के बयान दर्ज किए। बयानों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत फसल सुरक्षा के लिए बिछाए गए करंट वाले तार से हुई है।
पुलिस ने दर्ज की गैर-इरादतन हत्या की धारा
जांच में तथ्य सही पाए जाने के बाद पुलिस ने खड़गांव निवासी आरोपी भोजराम राठिया (पिता दुखीराम) के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने मर्ग इंटीमेशन और कायमी की पूरी रिपोर्ट एसडीएम खरसिया को भेज दी है और मामले की आगे की कानूनी विवेचना जारी है।






















