मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले 21 भाजपा-NDA शासित राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। शाह का यह बयान मुंबई में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के संबंध में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
UCC का लक्ष्य और मौजूदा स्थिति
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों को समाप्त कर विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में देश भर में एक समान नागरिक नियम लागू करना है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों में इस दिशा में काम पहले ही शुरू हो चुका है, जहाँ UCC लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी जोड़ा कि मध्य प्रदेश में UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। शाह ने तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिलाने का जिक्र करते हुए UCC को न्याय और समानता की दिशा में एक और कदम बताया। उनका विश्वास है कि आने वाले समय में NDA के नेतृत्व वाली सभी राज्य सरकारों में इसे सफलतापूर्वक लागू किया जाएगा।
सेवा संकल्प अभियान की घोषणा
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से देशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने की भी घोषणा की। यह 30 दिवसीय अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने का जश्न मनाना है, जिसमें उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान में संपूर्ण NDA गठबंधन और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन मिलकर काम करेंगे।






















