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अंबुजा और हिंडाल्को कर रहे हैं 500 करोड़ का नुकसान

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  • तय टारगेट से कम उत्पादन करने पर मिला कलेक्टर का नोटिस, खनिज विभाग ने प्रोडक्शन पूरा करने का दिया आदेश

रायगढ़, (केलो प्रवाह)। रायगढ़ जिले में कोयला खदानों से मिलने वाला राजस्व कोरबा से भी ज्यादा होगा, यदि अंबुजा सीमेंट्स और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज उत्पादन पूरा करेंगे, लेकिन से दोनों कंपनियां मिलकर रायगढ़ जिले को करीब 500 करोड़ का नुकसान पहुंचा रही हैं। कलेक्टर ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर प्रोडक्शन पूरा करने की योजना प्रस्तुत करने को कहा है। कोयला खदानों के राजस्व से रायगढ़ जिले के विकास कार्यों को तेजी मिल रही है। राज्य के विकास में भी रायगढ़ जिला आगे बढक़र योगदान दे रहा है। दो कंपनियों की वजह से रायगढ़ का राजस्व घट रहा है। दो केप्टिव माइंस चला रही कंपनियों हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और अंबुजा सीमेंट्स प्रोडक्शन पूरा नहीं कर पा रही हैं।

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और अंबुजा सीमेंट्स ने बीते साल केवल एक चौथाई ही कोयला उत्पादन किया। इसकी समीक्षा करने के बाद कलेक्टर ने दोनों कंपनियों को नोटिस दिया है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने गारे पेलमा 4/4 को 3001 रुपए प्रति टन की सर्वाधिक बोली लगाकर प्राप्त किया था। इस खदान से हिंडाल्को को 8.40 लाख टन कोयला उत्पादन करना है। वर्ष 25-26 में हिंडाल्को ने 2.40 लाख टन ही कोयला निकाला। यहां का कोयला आदित्य एल्युमिनियम लपंगा, हीराकुद एल्युमिनियम संबलपुर और उत्कल एल्युमिनियम टिकरी रायगढ़ा ओडिशा में उपयोग होना है। तीनों प्लांटों की कोयला खपत 6.57 मिलियन टन सालाना है। गापे 4/4 से उत्पादित कोयले की मात्रा कुल खपत का केवल 12.78 प्रश है।

इस खदान से हिंडाल्को ने पूरा उत्पादन किया होता तो 431 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होता। जबकि 25-26 में मात्र 123 करोड़ रुपए राजस्व ही मिल सका। मतलब 308 करोड़ का नुकसान हुआ। अब वर्ष 26-27 में भी हिंडाल्को ने मात्र 3 लाख टन कोयला उत्पादन करने की जानकारी दी है, जिससे 277 करोड़ कम राजस्व मिलेगा। इसलिए कलेक्टर ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को खदान से निर्धारित 8.40 लाख टन कोयला निकालने की योजना प्रस्तुत करने का नोटिस दिया है। ताकि राजस्व हानि न हो।

अंबुजा सीमेंट्स का मालिक बदला, उत्पादन जस का तस

अंबुजा सीमेंट्स ने गारे पेलमा 4/8 कोल ब्लॉक को 2291 रुपए प्रति टन की बोली लगाकर प्राप्त किया था। कंपनी को माइंस से 12.06 लाख टन कोयला सालाना उत्पादन करना है। जबकि कंपनी ने वर्ष 25-26 में मात्र 3.7 लाख टन ही कोयला निकाला। इस माइंस से अंबुजा सीमेंट्स भाटापारा, दरलाघाट सोलन, रौरी सोलन, दाबुर्जी रोपर पंजाब और अंबुजा नगर गुजरात के प्लांट को कोयला भेजा जाना है। लेकिन 1.20 मिलियन टन तो अकेले भाटापारा प्लांट की खपत है। इसके बावजूद कंपनी पूरा उत्पादन नहीं कर रही है। वर्ष 25-26 में 425 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता जबकि कम उत्पादन की वजह से सिर्फ 131 करोड़ ही मिले।

294 करोड़ का नुकसान हुआ है। वर्ष 26-27 में भी अंबुजा सीमेंट्स ने 6 लाख टन कोयला निकालने की जानकारी दी है जो कम है। इससे 212 करोड़ रुपए का राजस्व कम मिलेगा। कलेक्टर ने शत प्रतिशत उत्पादन करने की योजना प्रस्तुत करने का नोटिस दिया है।

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आशीष शर्मा

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