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‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत गांव पहुंच रहे कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी

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  • चौपाल लगाकर कृषकों को टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की दे रहे तकनीकी जानकारी
  • पहाड़ लुड़ेग में कृषि चौपाल आयोजित, प्राकृतिक खेती और सुगंधित जवांफूल धान के विस्तार पर जोर

रायगढ़, 03 जून 2026। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को वैज्ञानिक खेती, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा 1 जून से 15 जून तक जिले के गांवों में ’खेत बचाओ अभियान’ संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक एवं विभागीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद स्थापित कर रहे हैं तथा उन्हें टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड लैलूंगा के ग्राम पहाड़ लुड़ेग में कृषि चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों से संवाद कर विभिन्न कृषि योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी दी गई।

चौपाल में किसानों को खेत बचाओ अभियान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, पीएम-आशा योजना तथा सुगंधित जवांफूल धान की खेती के क्षेत्र विस्तार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि सुगंधित जवांफूल धान की बाजार में अच्छी मांग है तथा इसके चावल को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। ऐसे में किसानों को इसकी खेती का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्हें हरी खाद, ढैंचा, बीजी, कल्चर, गोबर खाद तथा जीवामृत के उपयोग से मृदा की उर्वरता बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने के उपाय बताए गए।

साथ ही फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में क्षेत्र की जनपद सदस्य, सरपंच प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल की। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खेत बचाओ अभियान के दौरान जिले के विभिन्न ग्रामों में चौपाल, प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती के समन्वय से अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त हो सके।

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विकास पाण्डेय

एडिटर - वेब एवं डिजिटल

विकास पाण्डेय अक्टूबर 2021 से 'केलो प्रवाह' के साथ जुड़े हैं और डिजिटल विंग के संचालन एवं संपादन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के प्रमुख घटनाक्रम, जनहित के मुद्दों और स्थानीय सरोकारों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने RIG24 मीडिया नेटवर्क से पत्रकारिता की शुरुआत की और इसी दौरान BJMC की डिग्री हासिल की।

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