कांकेर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी सुनी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की और इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 85 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
कुपोषण के खिलाफ जंग में मुनगा अभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा आयरन समेत कई आवश्यक पोषक तत्वों का सहज स्रोत है और इसके पत्ते, फल तथा फूल भोजन में इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने और इसके पोषण लाभों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री जनभागीदारी से जुड़े स्थानीय नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार के ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ की भी वे सराहना कर चुके हैं। कोरिया मॉडल के तहत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन कर सिंचाई और भूजल संवर्धन का काम कर रहे हैं।
लामकन्हार में 85 लाख रुपये के विकास कार्यों की मंजूरी
ग्राम लामकन्हार के लिए मुख्यमंत्री ने कुल 85 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों की घोषणा की। इनमें प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपये, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय व प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपये, शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये और छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपये शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शैक्षणिक वातावरण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, जिससे विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
नक्सल प्रभावित अंचलों में शांति और विकास का नया दौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और कांकेर का यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। केंद्र सरकार के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से राज्य अब नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भय के माहौल की जगह अब विश्वास और शांति ने ले ली है तथा दूरदराज के क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा रोपा और पर्यावरण संरक्षण की अपील की। इस दौरान सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूली बच्चे और ग्रामीण मौजूद रहे।























