न्यूज डेस्क। समाजवादी पार्टी के नेता राजन रिजवी की एक कथित वॉट्सऐप चैट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस चैट में वह एक महिला को यह आश्वासन देते नजर आ रहे हैं कि भविष्य में पार्टी की सरकार बनने पर वह मुख्यमंत्री कोटे से डेपुटेशन के आधार पर उन्हें आईएएस (IAS) बनवा देंगे। इस स्क्रीनशॉट के सार्वजनिक होने के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
कथित वॉट्सऐप चैट में क्या लिखा है
सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट के अनुसार, राजन रिजवी ने बातचीत के दौरान महिला की कार्यशैली और व्यक्तित्व की प्रशंसा की। उन्होंने संदेश में लिखा कि अगर उनके शब्दों से ठेस पहुंची हो तो वह माफी मांगते हैं, हालांकि उन्होंने कोई अमर्यादित बात नहीं कही है। आगे उन्होंने लिखा कि महिला जिस पद पर काम कर रही हैं, वह उनके व्यक्तित्व के अनुकूल नहीं है। संदेश में आगे दावा किया गया कि यदि वह राजनीति में आगे बढ़ते हैं और प्रदेश में सपा की सरकार बनती है, तो वह मुख्यमंत्री कोटे से डेपुटेशन पर उन्हें आईएएस अधिकारी बनाने का प्रयास करेंगे। अंत में उन्होंने महिला से सकारात्मक रुख रखने और शुभकामनाएं देने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय लोक दल ने उठाए सवाल, सपा पर साधा निशाना
इस मामले के सामने आते ही विपक्षी दलों ने समाजवादी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के वरिष्ठ नेता रोहित अग्रवाल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं है, तब उनके नेताओं का यह रवैया है, ऐसे में अगर कभी सरकार बन गई तो क्या स्थिति होगी। रोहित अग्रवाल ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्तियां संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और तय संवैधानिक प्रक्रियाओं के जरिए की जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता प्रशासनिक पदों को अपने राजनीतिक रसूख से बांटने का दावा कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
विपक्षी दलों के आरोपों के बीच विवाद गहराया
बिना किसी विधिक या प्रशासनिक आधार के सीधे मुख्यमंत्री के जरिए डेपुटेशन पर आईएएस बनाने के इस कथित दावे के बाद समाजवादी पार्टी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी दल इसे प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाने और अनुचित राजनीतिक प्रलोभन देने का मामला बताकर पार्टी पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं।






















