- महिला व बाल विकास विभाग ने होल्ड किया भुगतान, फॉर्म भरने के बाद वेरीफिकेशन नहीं
रायगढ़, (केलो प्रवाह)। महतारी वंदन योजना के लिए पंजीयन के समय कई महिलाओं ने वास्तविक जानकारी छिपाई थी। केवल विवाहिता, विधवा या परित्यक्ता को ही योजना का लाभ दिया जाना है। लेकिन रायगढ़ में कुछ अविवाहित युवतियां भी ढाई साल से योजना का लाभ उठा रही हैं। जितनी महिलाएं अपात्र मिली हैं उनसे करीब 3 करोड़ रुपए वसूले जाने हैं। महतारी वंदन योजना लागू होने के समय महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वघोषण पत्र ही भरवाया था। जो जानकारी दी गई, उसे क्रॉस चेक नहीं किया गया। जिसने आवेदन भरा, उसको भुगतान शुरू कर दिया गया।
दो साल बाद ई-केवायसी कराने का आदेश दिया गया तो बड़ी गड़बड़ी सामने आई। अप्रैल 2024 में रायगढ़ जिले में 3,06,758 महिलाओं को 27,93,18,250 रुपए का भुगतान किया गया था। रायगढ़ जिले में 1017 महिलाएं अपात्र हो चुकी हैं। रामभांठा की एक युवती ने जब फॉर्म भरा था, तब उसकी उम्र 21 वर्ष से कम थी। इसी तरह प्राची विहार में भी एक युवती की जन्मतिथि 2007 की है। गलत जानकारी देने के बाद भी इनको पात्र हितग्राहियों की सूची में डाला गया। यह एक बड़ी गड़बड़ी है। दरअसल महतारी वंदन योजना को जल्द लागू करने की हड़बड़ी में वेरीफिकेशन का कोई तरीका ही नहीं बनाया गया।
वसूली के लिए माथापच्ची
अब अपात्र पाई गई महिलाओं से राशि वसूलना चुनौती बन गया है। एक अपात्र महिला को करीब 30 हजार रुपए का भुगतान हो चुका है। इस हिसाब से करीब तीन करोड़ रुपए रायगढ़ जिले में वसूले जाने हैं। महतारी वंदन योजना में गड़बड़ी का कारण विभागीय लापरवाही है। बिना वेरीफिकेशन और बिना किसी कागजात के इतनी बड़ी योजना चलाई जा रही थी।






















