- नावापाली–टिनमिनी बोरो नाले पर 4.09 करोड़ का काम, एसओआर से 17.52 प्रतिशत बिलो में ली थी दर
- जून से ठप पड़ा पुल निर्माण, साइट से हटाई मशीनें, ठेकेदार ने बोर्ड तक उखाड़ा
- खरसिया के ठेकेदार बजरंग मिनरल्स को मिला था ठेका, 2 अक्टूबर को समाप्त हुई अवधि
- सेतु विभाग में निगरानी लचर, पहले भी पांच प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ चुके हैं ठेकेदार
रायगढ़। गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए जरूरी है कि नदी-नालों पर पुलों का निर्माण हो। विभाग टेंडर जारी कर ठेकेदार को काम देता है लेकिन यह समय पर पूरा हो जरूरी नहीं। सेतु विभाग में एक ठेकेदार ने 17 प्रश बिलो में काम लिया और अब पांच महीने से काम बंद कर दिया है। 2 अक्टूबर को समयावधि भी समाप्त हो गई है। लोक निर्माण विभाग सेतु डिवीजन में पुलों का काम बेहद लचर तरीके से चल रहा है। पहले ही एक ठेकेदार ने पांच प्रोजेक्ट को बर्बाद कर दिया। अब एक और काम भी आधे में बंद हो चुका है। मामला नावापाली से टिनमिनी बोरो नाले पर पुल निर्माण का है। इसका ठेका खरसिया के बजरंग मिनरल्स को दिया गया है।
3 दिसंबर 2024 को वर्क ऑर्डर दिया गया था, जिसमें पूर्ण करने की अवधि दस महीने की थी। इसमें बारिश का सीजन भी शामिल है। 2 अक्टूबर को अवधि समाप्त हो चुकी है लेकिन ठेकेदार ने जून महीने से काम ही बंद कर दिया है। पुल निर्माण के लिए 4.09 करोड़ में अनुबंध किया गया है जो एसओआर से 17.52 प्रश बिलो है। इतने कम दर पर काम लेने के बाद ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए। यह भी कहा जा रहा है कि पेटी में काम दूसरे को देने के कारण काम रुक गया। ठेकेदार का कोई भी मशीनरी सामान निर्माण साइट पर नहीं है। पुल के दोनों तरफ गांव तक पाइप पुलिया में नींव कांक्रीट को हो चुका है। यहां पाइप लगाकर ढलाई का काम किया जा सकता है। पहुंच मार्ग में पुल के पास पानी नहीं है। इसके बाद भी ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। मौके से पूर्व में लगाए गए बोर्ड को भी उखाड़ दिया है।
पुलियों का काम भी रोका, गुणवत्ता खराब
टिनमिनी की ओर पुल का काम जमीन के लेवल से ऊपर आ चुका है, लेकिन काम बंद कर दिया गया। वहीं टिनमिनी की ओर छह और नावापाली की ओर 4 पाइप पुलिया का भी निर्माण पूरा नहीं किया गया। सेतु विभाग ने वर्षा ऋतु सहित ठेका दिया था जिसका अवधि समाप्त हो चुकी है। जो मिट्टी पाटी गई है, वह भी खराब है। मटेरियल खराब गुणवत्ता का इस्तेमाल किया गया है।























