- नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की
- पीएम आवास योजना में लापरवाही और कमजोर सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी
- लापरवाही पर दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
- इज ऑफ लिविंग और नागरिक केंद्रित प्रशासन पर दिया जोर
रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने इज ऑफ लिविंग (Ease of Living) और नागरिक-केंद्रित (Citizen-Centric) प्रशासन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिटीजन को कस्टमर भी मानें और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता एवं जवाबदेही के साथ पूरा करें। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल और रायपुर नगर निगम के आयुक्त संबित मिश्रा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों पर अधिकारियों से गोलमोल जवाब मिलने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गरीबों के आवास में गुणवत्ताहीन काम और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन कार्यों में कोताही न बरतें। उन्होंने शहर में साफ-सफाई की कमजोर व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। निगम के अधिकारियों को शहर में गंदगी की तस्वीरें दिखाकर सफाई की सुदृढ़ और प्रभावी व्यवस्था बनाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने काम में लापरवाही पर दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में केंद्र प्रवर्तित फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जोन आयुक्तों एवं अभियंताओं को आड़े हाथों लेते हुए कार्यों में प्रगति तथा सुधार लाने की नसीहत दी। अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने जोन कमिश्नरों, उपायुक्तों एवं अपर आयुक्तों को प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट करने के निर्देश दिए। साथ ही मॉर्निंग विजिट की रिपोर्ट ग्रुप में साझा करने को कहा। बोरा ने रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अधिकारियों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन सेवाओं की निगरानी और मॉनिटरिंग सीसीटीवी कैमरे लगाकर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में इतनी ढिलाई किसी भी स्थिति में सही नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन पर मुख्यालय स्तर से नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि जोन स्तर पर जोन आयुक्तों तथा अभियंताओं के कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पीएम आवास योजना पर सवाल, जोन आयुक्त जवाब नहीं दे पाईं
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव बोरा ने जोन-8 की जोन आयुक्त राजेश्वरी पटेल से पीएम आवास योजना के संबंध में सवाल पूछे, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाईं। इस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जोन आयुक्त को ही योजना की जानकारी नहीं है, तो योजना की प्रगति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
प्रमुख सचिव ने जेम पोर्टल पर निविदाओं में विलंब को लेकर रायपुर नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन अभियंता योगेश कड़ू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरोत्थान योजना के कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधीक्षण अभियंता इमरान खान को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा।
नागरिकों को उपभोक्ता की तरह मानकर करें व्यवहार
प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग को नागरिकों को उपभोक्ता की तरह मानना चाहिए। जिस प्रकार एक ग्राहक अपने दुकानदार से अपेक्षा रखता है कि उसे सही समय पर सही सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और उसकी शिकायतों का विनम्रतापूर्वक निवारण होगा, उसी तरह नागरिकों को भी सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसे समझाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और एयरलाइन कंपनियों के उदाहरण भी दिए।
निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
बोरा ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग सहित सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर तिमाही में कार्यों की अच्छी प्रगति दिखाई देनी चाहिए। निगम के अभियंताओं और अधिकारियों को विजन के साथ काम करने तथा निकट भविष्य में होने वाले कार्यों की रूपरेखा तैयार रखने को कहा। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। रायपुर में बन रहे नए नालंदा परिसर में पुराने नालंदा परिसर की कमियों और खामियों को दूर कर आधुनिक परिसर तथा उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नए भवन में दिव्यांगजनों के लिए भी सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जल और सीवेज प्लांट में ऊर्जा दक्ष तकनीक अपनाने पर जोर
प्रमुख सचिव ने निगम द्वारा संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली की खपत कम करने के लिए ऊर्जा दक्ष (Energy-Efficient) तकनीकों का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन सुविधाओं को नागरिकों तक पहुंचाने, जरूरत के अनुसार दस्तावेज उपलब्ध कराने और राजस्व वसूली में डिजिटल एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाने को कहा। इससे नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी और लोगों को नागरिक सेवाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।
शीतला तालाब का काम मार्च तक पूरा करने के निर्देश
प्रमुख सचिव ने मिशन अमृत 2.0 के तहत रायपुर के शीतला तालाब के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण के कार्य आगामी मार्च तक पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने तालाब में गहरीकरण, पिचिंग और पेवर ब्लॉक सहित अन्य कार्यों में निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निदान-1100 में प्राप्त नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा सहित रायपुर नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, अभियंता और सभी जोनों के कमिश्नर उपस्थित थे।
























