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मनरेगा योजना बंद हुई लेकिन मटेरियल के साढ़े छह करोड़ लम्बित

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रायगढ़, (केलो प्रवाह)। रोजगार गारंटी के लिए शुरू की गई मनरेगा योजना को बंद करने के बाद विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन शुरू किया गया है। नई योजना के तहत धड़ाधड़ कामों को मंजूरी दी जा रही है, लेकिन पुरानी योजना का लंबित भुगतान नहीं किया जा रहा है। रायगढ़ जिले में करीब साढ़े छह करोड़ रुपए लंबित हैं। नई योजना प्रारंभ होने के बाद पुरानी योजना को तिलांजलि दे दी जाती है। कई वर्षों तक ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार की गारंटी देकर उनका घर चलाने वाली योजना मनरेगा अब भुला दी गई है। इसके स्थान पर वीबी जी राम जी योजना लागू की गई है जो तकनीकी रूप से ज्यादा परिपूर्ण है।

काम की मंजूरी से लेकर पूर्णता के बीच निगरानी के लिए स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया है। इसके पहले मनरेगा में सैकड़ों काम मंजूर किए गए थे जो गत वित्तीय वर्ष में पूरा करने का निर्देश था। वित्तीय वर्ष 26-27 में वीबी जी राम जी के तहत काम मंजूर किए गए। लेकिन अंतिम दिनों में मनरेगा के जो काम पूरे होने का दावा किया गया, उनका पूरा भुगतान नहीं हो सका है। लेबर पेमेंट तो कर दिया गया लेकिन सामग्री का भुगतान न मिलने से सामग्री आपूर्तिकर्ताओं की हालत खस्ता हो गई है।

रायगढ़ जिले में सात ब्लॉकों में करीब 6.50 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। निर्माण कार्यों के लिए कई महीनों पहले सामग्री देने के कारण अब तक वेंडरों का बाजार में बकाया काफी बढ़ गया है। भुगतान नहीं मिलने से उनका अर्थिक संकट बढ़ गया है। अब वीबी जी राम जी में मटेरियल कार्यों को धड़ाधड़ मंजूरी मिल रही जिसमें फिर से सप्लाइ किया जाना है। कई छोटे वेंडर गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं में आपूर्ति ठप होने का खतरा है।

अंदरुनी गांवों में मटेरियल पहुंचाना बड़ी चुनौती

मनरेगा और वीबी जी राम जी दोनों योजनाओं में दूरस्थ स्थित गांवों में फोकस किया जा रहा है। संसाधन विहीन गांवों में जरूरी कार्य मंजूर किए जा रहे हैं। वीबी जी राम जी में मटेरियल और लेबर का अनुपात 60:40 का है। पूरा भुगतान नहीं होने से अंदरुनी गांवों तक सामग्री सप्लाई करने वाले छोटे वेंडर मुश्किल में हैं। उनकी रोजीरोटी पर संकट आ गया है। ब्लॉक बकाया भुगतान लैलूंगा 2.38 करोड़ धरमजयगढ़ 1.43 करोड़ घरघोड़ा 90 लाख खरसिया 67 लाख पुसौर 57 लाख रायगढ़ 46 लाख तमनार 14 लाख

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